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चंडीगढ़ मेयर चुनाव - सुप्रीम कोर्ट का फैसला, आप के कुलदीप बने मेयर, पीठीसीन अफसर अनिल मसीह के खिलाफ चलेगा केस

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चंडीगढ़ मेयर चुनाव - सुप्रीम कोर्ट का फैसला, आप के कुलदीप बने मेयर, पीठीसीन अफसर अनिल मसीह के खिलाफ चलेगा केस
नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के कुलदीप टीटा को चंडीगढ़ मेयर चुनाव का विजेता घोषित किया। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि कहा कि याचिकाकर्ता को 12 वोट मिले थे और 8 वोट गलत तरीके से अमान्य करार दे दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने आज बैलेट पेपर्स की जांच की और चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग देखी। इसके बाद फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि निरस्त किए गए 8 वोट याचिकाकर्ता कुलदीप के पक्ष में गए थे। इस तरह आठ वोट जोड़ देने से याचिकाकर्ता के 20 वोट हो जाते हैं। [caption id="attachment_107526" align="aligncenter" width="300"] कुलदीप कुमार टीटा[/caption]

अदालत ने कुलदीप को किय़ा विजयी घोषित

इसके बाद कोर्ट ने आप के पार्षद और मेयर पद के उम्मीदवार कुलदीप कुमार टीटा को चंडीगढ़ नगर निगम के महापौर पद पर निर्वाचित करने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह द्वारा भाजपा प्रत्याशी को विजेता घोषित करने का फैसला अमान्य किया जाता है। इसके साथ अदालत ने पीठासीन अधिकारी को महापौर चुनाव की प्रक्रिया में गैरकानूनी तरीके से तब्दीली करने और 19 फरवरी को कोर्ट में झूठ बोलने का दोषी भी माना। इस फैसले के बाद अब आम आदमी पार्टी में जश्न का माहौल है।

इस तरह चला सुप्रीम कोर्ट का डंडा

रविवार रात तक बीजेपी के मेयर बनने का रास्ता साफ लग रहा था, क्योंकि 30 जनवरी को विजयी घोषित किए गए मनोज सोनकर ने पद से इस्तीफा दे दिया था। पार्टी को इसके बाद दोबारा चुनाव होने की उम्मीद थी। बीजेपी ने इस चुनाव में बहुमत साबित करने के लिए आप के तीन पार्षद भी तोड़ लिए थे और रविवार देर रात उन्हें पार्टी में शामिल भी करा लिया। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पार्टी का प्लान फेल हो गया।

अनिल मसीह पर चलेगा मुकदमा

महापौर चुनाव के दौरान उच्चतम न्यायालय ने अनिल मसीह के  चरण पर जमकर नाराजगी जताई। शीर्ष अदालत ने कोर्ट में गलतबयानी करने और मतों की गिनती के दौरान अवैध कार्य करने के लिए मसीह के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने का आदेश दे दिया। अदालत ने कहा कि मसीह ने आठ मतपत्रों पर निशान लगाए थे, ताकि उन्हें अवैध मानने का आधार तैयार हो सके। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने गंभीर कदाचार किया है। पीठ ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि वह मसीह को नोटिस जारी करे। ये भी पढ़ें - चंडीगढ़ महापौर चुनाव : सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई, बैलट पेपर और VIDEO देखे जाएंगे; रिटर्निंग ऑफिस को हाजिर रहने के आदेश
People's Reporter
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