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जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश के आसार : आईएमडी

मौसम विभाग का अनुमान - तापमान भी होगा कम
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जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश के आसार : आईएमडी

नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश में जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि पूरे देश में जुलाई की औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है जो लंबी अवधि के औसत (एलपीए) 28.04 सेमी से 106 प्रतिशत अधिक रह सकती है। पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों और उत्तर-पश्चिम, पूर्व और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।

पश्चिमी तट को छोड़कर उत्तर- पश्चिम भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। मध्य भारत, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों और पश्चिमी तट पर सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। उत्तर- पश्चिम के कुछ हिस्सों और मध्य भारत के आस-पास के इलाकों और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है।

जून के महीने में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई

भारत में जून में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है। आईएमडी के अनुसार, जून में 147.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 165.3 मिमी होती है। वर्ष 2001 के बाद से यह सातवां सबसे कम बारिश वाला महीना रहा। देश में चार महीने के मानसून के दौरान औसतन कुल 87 सेमी वर्षा में से जून की वर्षा का हिस्सा 15 प्रतिशत है। 30 मई को केरल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में जल्दी पहुंचने और महाराष्ट्र तक सामान्य रूप से आगे बढ़ने के बाद, मानसून ने गति खो दी, जिससे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश का इंतजार बढ़ गया और उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। देश में 11 जून से 27 जून तक 16 दिन सामान्य से कम वर्षा हुई। इस वजह से कुल मिलाकर सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिम भारत में 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। वहीं, मध्य भारत में 14 प्रतिशत की कमी और पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

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