CG NEWS:छत्तीसगढ़ के 80 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत, अब 31 अगस्त 2028 तक पास कर सकेंगे TET

रायपुर न्यूज। छत्तीसगढ़ के 80 हजार से अधिक प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षकों को फिलहाल राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। हालांकि अदालत ने साफ कर दिया है कि 3 सितंबर 2001 से 23 अगस्त 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों को तय समय सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण करना ही होगा। ऐसा नहीं करने पर उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है।
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एक साल की राहत, लेकिन नियम नहीं बदला
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ के 80,491 शिक्षकों को TET पास करने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय मिल गया है। पहले अंतिम तारीख 31 अगस्त 2027 तय थी, जिसे बढ़ाकर अब 31 अगस्त 2028 कर दिया गया है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि TET से किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी।
किस शिक्षकों पर लागू होगा आदेश?
यह आदेश उन शिक्षकों पर लागू होगा जिनकी नियुक्ति 3 सितंबर 2001 से 23 अगस्त 2010 के बीच प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में हुई थी। सुप्रीम कोर्ट पहले ही पुनर्विचार याचिका खारिज कर चुका है और साफ कर चुका है कि TET शिक्षक बनने और सेवा में बने रहने की अनिवार्य योग्यता है।
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50 से 55 साल के शिक्षकों के सामने बड़ी चुनौती
सबसे बड़ी चिंता यह है कि TET देने वाले अधिकांश शिक्षक अब 50 वर्ष से अधिक आयु के हो चुके हैं। कई शिक्षक 54 से 55 वर्ष के हैं। लंबे समय बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर छूट की खबर निकली भ्रामक
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर TET से छूट मिलने के कई दावे वायरल हुए, लेकिन शिक्षक संगठनों ने इन्हें पूरी तरह भ्रामक बताया। उनका कहना है कि NCTE के हलफनामे की गलत व्याख्या की जा रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पूरी तरह स्पष्ट है।
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इन जिलों में सबसे ज्यादा शिक्षक प्रभावित
प्रदेश में सबसे अधिक TET देने वाले शिक्षक कोंडागांव जिले में हैं, जहां 5,334 शिक्षक इस दायरे में आते हैं। इसके बाद बलौदाबाजार, महासमुंद, सरगुजा और रायगढ़ प्रमुख जिले हैं। वहीं सबसे कम शिक्षक मुंगेली, रायपुर, एमसीबी, सुकमा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में हैं।
शिक्षक संगठनों की सरकार से मांग
शिक्षक संगठनों का कहना है कि TET नियमित अंतराल में आयोजित नहीं होती। कई बार दो-दो साल तक परीक्षा नहीं होती, जिससे हजारों शिक्षक अवसर से वंचित रह जाते हैं। संगठनों ने मांग की है कि हर तीन या चार महीने में TET आयोजित की जाए और इन-सर्विस शिक्षकों के लिए अलग विभागीय पात्रता परीक्षा कराई जाए।
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क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
TET शिक्षक बनने और सेवा में बने रहने की अनिवार्य योग्यता है।
5 वर्ष से अधिक सेवा शेष शिक्षकों के लिए TET जरूरी।
5 वर्ष से कम सेवा शेष शिक्षकों को पदोन्नति नहीं मिलेगी।
2001 से 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा।












