कोलकाता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक दल पर हमले की जांच के सिलसिले में निलंबित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाहजहां शेख के आवास पर शुक्रवार को छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सीबीआई ने हमले के संबंध में सबूत इकट्ठा करने के लिए संदेशखाली स्थित सरबेरिया के अकुंचीपारा इलाके में शाहजहां के आवास के पास के इलाकों का भी दौरा किया।
ED टीम पर हमले के मामले में हुई गिरफ्तारी
शाहजहां शेख को राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें पांच जनवरी को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर भीड़ द्वारा उस समय हमला किए जाने संबंधी मामले में गिरफ्तार किया गया, जब अधिकारी कथित राशन घोटाले से जुड़े मामले के सिलसिले में उनके आवास परिसर गए थे। इस छापेमारी में फॉरेंसिक और ईडी अधिकारियों ने भी सीबीआई टीम को सहयोग दिया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों के कर्मियों की सुरक्षा के लिए इलाके में केंद्रीय बलों की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है।
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सीबीआई अधिकारियों ने ईडी द्वारा शेख के घर पर लगाई गई सील को परिसर में प्रवेश करने के लिए खोल दिया। वे अपनी जांच के लिए इलाके की वीडियोग्राफी भी कर रहे हैं और उसका नक्शा भी तैयार कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता शाहजहां शेख को हिरासत में लेने के बाद सीबीआई का एक दल गुरुवार को भी संदेशखाली में स्थित उसके घर गया था। उन्होंने बताया कि दोनों परिसरों में ताला लगा मिलने के बाद टीम ने बाहर से वहां की तस्वीरें लीं और चली गई। शेख और अन्य लोगों पर संदेशखाली में यौन शोषण और जमीन हड़पने का आरोप लगाया गया था।
क्या है संदेशखाली का मामला ?
दरअसल, संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने ममता सरकार के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जबरदस्ती जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। यह इलाका टीएमसी के नेता शाहजहां शेख के दबदबे वाला है। शाहजहां शेख राशन घोटाले में 5 जनवरी को ईडी की छापेमारी के दौरान टीम पर हुए हमले के बाद से फरार है। उसके फरार होने के बाद 8 फरवरी से स्थानीय महिलाओं ने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। जिसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि, शाहजहां शेख और उसके लोग महिलाओं का यौन शोषण भी करते थे। 9 फरवरी को प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां समर्थक हाजरा के तीन पोल्ट्री फार्मों को जला दिया। महिलाओं का दावा था कि, वे स्थानीय ग्रामीणों से जबरन छीनी गई जमीन पर बने थे। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने भी यहां का दौरा करने के बाद कहा था कि, संदेशखाली में स्थिति काफी गंभीर है।