भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट, ग्रीर ने दिया जवाब, जानिए कहां अटका मामला

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील की बातचीत अब अहम दौर में पहुंच गई है। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा है कि दोनों देश समझौते के बचे हुए मुद्दों को सुलझाने में तेजी से काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि समझौते की घोषणा अभी तुरंत होने की उम्मीद नहीं है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले ग्रीर?
जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान ग्रीर ने कहा कि भारत और अमेरिका लगातार ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों ने उन मुद्दों की पहचान कर ली है, जिन पर अभी सहमति बनना बाकी है। इन मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों तरफ के अधिकारी लगातार बातचीत कर रहे हैं। ग्रीर ने बातचीत को अंतिम दौर में बताया, लेकिन साथ ही कहा कि अभी ऐसा नहीं है कि समझौता तुरंत हो जाएगा। यानी बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन डील को अंतिम रूप देने के लिए कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।
मोदी-ट्रंप के बीच फिर हो सकती है फोन पर बात
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक और फोन कॉल की संभावना जताई गई है। ग्रीर के मुताबिक, दोनों नेता जल्द ही फिर बातचीत कर सकते हैं और ट्रेड डील की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं। इससे पहले मोदी और ट्रंप ने फोन पर व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीकों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की थी। दोनों देशों की ओर से बातचीत आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
पीयूष गोयल और ग्रीर की भी हुई मुलाकात
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मिलवॉकी में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर से मुलाकात की। यह बैठक जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने पर चर्चा हुई। गोयल ने बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि दोनों देश एक ऐसे अंतरिम समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों को फायदा हो। अमेरिकी पक्ष ने भी इस बातचीत को रचनात्मक बताया है।
फरवरी में बनी थी ट्रेड डील की रूपरेखा
भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 में ट्रेड डील के पहले चरण के लिए एक रूपरेखा तैयार की थी। इस अंतरिम समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और बाजार तक पहुंच से जुड़े मुद्दों को सुलझाना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकारों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी BTA पर भी बातचीत चल रही है। जून में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर की भारत यात्रा के दौरान बाजार तक पहुंच, डिजिटल ट्रेड, गैर-टैरिफ बाधाओं और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
टैरिफ ने बढ़ाई बातचीत की मुश्किल
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की बातचीत के दौरान अमेरिकी टैरिफ नीति में बदलाव भी बड़ा मुद्दा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है और टैरिफ से जुड़े फैसलों ने इसे और जटिल बनाया। अमेरिका की ओर से भारतीय सामान पर लगाए गए टैरिफ और भारत की ओर से अमेरिकी बाजार में अपने उत्पादों के लिए बेहतर प्रतिस्पर्धी स्थिति की मांग बातचीत के अहम हिस्सों में शामिल रहे हैं।
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भारत को अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले फायदा चाहिए
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले भी कह चुके हैं कि भारत ऐसा समझौता चाहता है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों को अपने प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले उचित अवसर मिले। इनमें आसियान देश, चीन और बांग्लादेश जैसे बाजार शामिल हैं। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में बाजार पहुंच और टैरिफ से जुड़े मुद्दे अहम बने हुए हैं। फिलहाल दोनों पक्ष बाकी अड़चनों को दूर करने में जुटे हैं।
क्या जल्द हो जाएगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा कब होगी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने बातचीत को अंतिम दौर में बताया है, लेकिन साथ ही साफ किया है कि समझौता अभी तत्काल होने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में मोदी और ट्रंप की संभावित बातचीत और दोनों देशों के अधिकारियों के बीच जारी चर्चा से यह साफ हो सकता है कि बाकी मुद्दों पर कितनी सहमति बन पाती है। फिलहाल दोनों पक्ष अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाने और लंबित मुद्दों को सुलझाने पर काम कर रहे हैं।




















