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Airtel, Jio और Vi में बढ़े M2M कनेक्शन, जानिए कैसे मशीनें खुद शेयर कर रही हैं डेटा

भारत में M2M यानी Machine-to-Machine कनेक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। TRAI की जुलाई 2026 रिपोर्ट के मुताबिक Airtel, Jio और Vi तीनों के M2M कनेक्शन बढ़े हैं। Airtel सबसे आगे रहा, जबकि Jio और Vi ने भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की। जानिए M2M टेक्नोलॉजी क्या है, इसका इस्तेमाल कहां होता है और टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह क्यों खास है।
Airtel, Jio और Vi में बढ़े M2M कनेक्शन, जानिए कैसे मशीनें खुद शेयर कर रही हैं डेटा
भारत में M2M यानी Machine-to-Machine कनेक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं।

अगर एक दिन आपको पता चले कि सिर्फ लोग ही नहीं, बल्कि आपके आसपास की मशीनें भी आपस में लगातार जुड़ी हुई हैं और चुपचाप डेटा का आदान-प्रदान कर रही हैं। टेक्नोलॉजी की दुनिया में ऐसा ही कुछ तेजी से बदल रहा है, जिसका असर अब टेलीकॉम कंपनियों के आंकड़ों में भी नजर आने लगा है।

इंटरनेट की दुनिया अब सिर्फ मोबाइल और स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रह गई है। आज मशीनें और डिवाइस भी एक-दूसरे से जुड़कर अपने आप डेटा शेयर कर रहे हैं। इसी टेक्नोलॉजी को M2M यानी Machine-to-Machine कनेक्शन कहा जाता है। भारत में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर टेलीकॉम कंपनियों के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। TRAI की जुलाई 2026 की टेलीकॉम सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट के मुताबिक, Airtel, Jio और Vodafone Idea यानी Vi तीनों के M2M कनेक्शन में बढ़ोतरी हुई है।

Airtel सबसे आगे, 8.44 करोड़ हुए M2M कनेक्शन

M2M कनेक्शन बढ़ाने के मामले में Bharti Airtel सबसे आगे रहा है। जनवरी 2026 में कंपनी के पास 70.18 मिलियन यानी करीब 7.018 करोड़ M2M कनेक्शन थे। जुलाई तक यह संख्या बढ़कर 84.45 मिलियन यानी करीब 8.445 करोड़ हो गई। यानी करीब छह महीनों में Airtel ने 14.27 मिलियन यानी 1.427 करोड़ नए M2M कनेक्शन जोड़े। यह लगभग 20.3 फीसदी की बढ़ोतरी है।

Jio ने भी पकड़ी तेज रफ्तार

Reliance Jio के M2M कनेक्शन में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। जनवरी में Jio के पास 20.60 मिलियन यानी 2.06 करोड़ M2M कनेक्शन थे। जुलाई तक यह आंकड़ा बढ़कर 26.56 मिलियन यानी 2.656 करोड़ पहुंच गया। इस तरह कंपनी ने करीब छह महीनों में 5.96 मिलियन यानी 59.6 लाख नए M2M कनेक्शन जोड़े। सिर्फ जुलाई में ही Jio ने 0.80 मिलियन यानी 8 लाख नए कनेक्शन जोड़े। इस दौरान Jio का कुल वायरलेस सब्सक्राइबर बेस भी 491.49 मिलियन से बढ़कर 506.03 मिलियन हो गया।

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Vi के लिए भी M2M बना उम्मीद की किरण

Vodafone Idea यानी Vi के M2M कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। जुलाई तक कंपनी के M2M कनेक्शन बढ़कर 21.92 मिलियन यानी करीब 2.192 करोड़ हो गए। जनवरी से जुलाई के बीच इसमें 3.11 मिलियन यानी 31.1 लाख कनेक्शन की बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि जहां Vi के सामान्य कंज्यूमर SIM कनेक्शनों में जुलाई के दौरान करीब 59 हजार की कमी आई, वहीं M2M सेगमेंट ने कंपनी के लिए सकारात्मक तस्वीर दिखाई।

आखिर M2M होता क्या है?

अब इसे आसान भाषा में समझें। M2M टेक्नोलॉजी में मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बिना इंसान के बार-बार दखल के आपस में डेटा शेयर कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर स्मार्ट मीटर अपने आप बिजली की जानकारी भेज सकता है, गाड़ी का ट्रैकिंग सिस्टम लगातार लोकेशन अपडेट कर सकता है और इंडस्ट्रियल मशीनें अपने काम से जुड़ा डेटा नेटवर्क पर भेज सकती हैं।

M2M का इस्तेमाल कहां होता है?

  • स्मार्ट मीटर
  • वाहन ट्रैकिंग सिस्टम
  • इंडस्ट्रियल मशीनरी
  • सिक्योरिटी सिस्टम
  • IoT डिवाइस
  • स्मार्ट और ऑटोमेटेड सिस्टम

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टेलीकॉम कंपनियों के लिए क्यों खास है M2M?

M2M कनेक्शन बढ़ने का सीधा फायदा टेलीकॉम कंपनियों को भी मिलता है। अब उनका नेटवर्क सिर्फ इंसानों के मोबाइल तक सीमित नहीं है, बल्कि गाड़ियां, मशीनें, मीटर और दूसरे स्मार्ट डिवाइस भी नेटवर्क का हिस्सा बन रहे हैं। जैसे-जैसे IoT, स्मार्ट वाहन, ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल डिजिटलाइजेशन बढ़ेगा, वैसे-वैसे ऐसे कनेक्शनों की जरूरत भी बढ़ने की उम्मीद है। यानी आने वाले समय में इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ इंसान नहीं, बल्कि करोड़ों मशीनें भी करेंगी।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

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