'मंडे को आना...' छुट्टी नहीं मिली तो पत्नी की मौत, फफककर रोया यूपी पुलिस का सिपाही; कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप

बस्ती में महिला सिपाही केसरी वर्मा की मौत के बाद पति नागेंद्र वर्मा ने एसपी ऑफिस के कर्मचारियों पर छुट्टी न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समय पर मेडिकल लीव मिलती तो पत्नी की जान बच सकती थी।
'मंडे को आना...' छुट्टी नहीं मिली तो पत्नी की मौत, फफककर रोया यूपी पुलिस का सिपाही; कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में महिला सिपाही केसरी वर्मा की मौत के बाद उनके पति और साथी सिपाही नागेंद्र वर्मा का वीडियो सामने आया है। वीडियो में नागेंद्र पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर फफक-फफक कर रोते नजर आ रहे हैं। उन्होंने एसपी ऑफिस में तैनात कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नागेंद्र का कहना है कि सड़क हादसे में सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद केसरी ने इलाज और सीटी स्कैन के लिए मेडिकल लीव मांगी थी, लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिली। उनके मुताबिक, अगर समय पर छुट्टी मिल जाती तो उनकी पत्नी आज जिंदा होती।

सड़क हादसे में घायल हुई थीं केसरी वर्मा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला सिपाही केसरी वर्मा दो दिन पहले सड़क हादसे का शिकार हुई थीं। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी और सिर में चार टांके लगाए गए थे। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज और सीटी स्कैन की जरूरत थी। आरोप है कि केसरी ने इलाज कराने के लिए एसपी ऑफिस में मेडिकल लीव के लिए आवेदन किया था। छुट्टी के आवेदन के साथ सीटी स्कैन की कॉपी और सिर में चार टांके लगने से जुड़ा मेडिकल प्रूफ भी लगाया गया था।

'न मेडिकल लीव मिलेगी, न ईएल... मंडे को आइए'

मृतका के पति नागेंद्र वर्मा का आरोप है कि केसरी दो दिनों से लगातार छुट्टी के लिए एसपी ऑफिस के चक्कर काट रही थीं। लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं दी गई। नागेंद्र के मुताबिक, एसपी ऑफिस में तैनात दीपक मिश्रा और एक अन्य कर्मचारी ने छुट्टी देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने केसरी से कहा कि न तो ईएल मिलेगी और न ही मेडिकल लीव दी जाएगी। उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि मंडे को आइए, कप्तान साहब छुट्टी अप्रूव करेंगे।

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पति ने कर्मचारियों को ठहराया जिम्मेदार

नागेंद्र वर्मा ने पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मीडिया से बात करते हुए एसपी ऑफिस के कर्मचारियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल थीं और उन्हें इलाज के लिए छुट्टी की जरूरत थी। पति का दावा है कि अगर समय रहते छुट्टी मिल जाती तो वह अपनी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराकर उसका इलाज करा सकते थे। उनके मुताबिक, समय पर इलाज मिल जाता तो शायद केसरी की जान बच सकती थी।

फफक-फफक कर रोते नजर आए नागेंद्र

पत्नी की मौत के बाद नागेंद्र वर्मा पूरी तरह टूट गए। कैमरे के सामने वह फफक-फफक कर रोते हुए दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि वह अपनी पत्नी को बचाना चाहते थे, लेकिन छुट्टी नहीं मिलने की वजह से समय पर इलाज नहीं हो सका। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। नागेंद्र का कहना है कि जिन कर्मचारियों ने छुट्टी देने में कथित तौर पर लापरवाही की, उनके खिलाफ विभागीय जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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कार्रवाई की मांग, ताकि किसी और के साथ न हो ऐसा

नागेंद्र वर्मा ने पुलिस विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे पुलिसकर्मी को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े और किसी परिवार को इस तरह अपना सदस्य न खोना पड़े। फिलहाल महिला सिपाही केसरी वर्मा की मौत और छुट्टी से जुड़े पति के आरोपों को लेकर मामला सामने आया है। मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

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