बेटमा में परिवार की तीन सगी बहनों की मौत का रहस्य गहराया, पानी-खाने के सैंपल जांच के लिए भेजे; डॉक्टर से होगी पूछताछ
बेटमा थाना क्षेत्र के ग्राम कालीबिलोद स्थित लाइफ सिटी कॉलोनी में एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। आखिर तीनों मासूम बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। प्रारंभिक तौर पर मामले में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी लेकिन तीनों बच्चियों की मौत के वास्तविक कारण की अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस अब बिसरा रिपोर्ट पीने के पानी और खाद्य पदार्थों की फॉरेंसिक जांच के जरिए मौत की असली वजह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
घर से लिए गए पानी और खाद्य पदार्थों के सैंपल
मामले की जांच के तहत बेटमा पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) इंदौर ग्रामीण की टीम मृत बच्चियों के घर पहुंची। टीम ने घर में मौजूद पीने के पानी और विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए। इन सैंपलों को रविवार को जांच के लिए इंदौर-राऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। फॉरेंसिक जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि घर में मौजूद पानी या खाद्य पदार्थों में कोई दूषित अथवा विषैला तत्व तो नहीं था। पुलिस का मानना है कि इन वैज्ञानिक जांच रिपोर्टों से मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
तीनों बच्चियों की बिसरा रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने तीनों बच्चियों के बिसरा सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट का इंतजार है। बिसरा रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने में मदद मिल सकती है कि बच्चियों की मौत फूड पॉइजनिंग, किसी विषैले पदार्थ के सेवन या किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से हुई। फिलहाल जांच एजेंसियां किसी एक कारण को अंतिम नहीं मान रही हैं और सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
डॉक्टर परवेज ताइ से होगी पूछताछ
जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी बेटमा स्थित लाइफ केयर क्लिनिक के डॉक्टर परवेज ताइ से पूछताछ को माना जा रहा है। पुलिस ने डॉक्टर को बयान के लिए बुलाया है।पुलिस उनसे यह जानकारी लेगी कि तीनों बच्चियों को क्लिनिक पर कब लाया गया था और उस समय उनकी हालत कैसी थी। इसके अलावा बच्चियों की जांच में क्या सामने आया, उन्हें कौन सा उपचार दिया गया और कौन-कौन सी दवाइयां दी गईं, इन बिंदुओं पर भी जानकारी ली जाएगी। उपचार के दौरान बच्चियों की तबीयत में किस प्रकार के बदलाव आए और उनकी मेडिकल स्थिति क्या रही, यह भी जांच का हिस्सा होगा। पुलिस उपचार से जुड़े दस्तावेज और दवाइयों की जानकारी की भी जांच कर सकती है।
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25 अगस्त की रात अचानक बिगड़ी थी तबीयत
मृत बच्चियों की पहचान आसिन, विशुका और विधि के रूप में हुई है। तीनों सगी बहनें थीं।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में चल रही जांच
मामले की जांच बेटमा थाना प्रभारी रणजीत सिंह बघेल के नेतृत्व में की जा रही है। जांच टीम में सब इंस्पेक्टर मुन्नालाल डोडियार, संदीप अखाड़िया और सहायक उप-निरीक्षक कमलेश दीक्षित सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है। चिकित्सकीय दस्तावेज, बिसरा रिपोर्ट, पानी और खाद्य पदार्थों की फॉरेंसिक जांच, डॉक्टर के बयान और अन्य संबंधित तथ्यों को जांच में शामिल किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन किया सर्वे
इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पिछले दो दिनों से क्षेत्र में सर्वे कर रही है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर विभा नगर के अनुसार टीम ने आसपास के घरों और क्षेत्र में पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों की जांच की है।






















