सोहागपुर में खरपतवार नाशक दवा पर उठे सवाल, फसल खराब होने के बाद जांच के आदेश

सोहागपुर में खरपतवार नाशक दवा के छिड़काव के बाद धान की फसल खराब होने की शिकायत सामने आई है। किसानों के मुताबिक करीब डेढ़ से दो हजार एकड़ फसल प्रभावित हुई है। कृषि विभाग ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय दल गठित किया है। टीम तीन कार्य दिवस में रिपोर्ट सौंपेगी। अब फसल नुकसान की असली वजह सामने आएगी।
सोहागपुर में खरपतवार नाशक दवा पर उठे सवाल, फसल खराब होने के बाद जांच के आदेश

सोहागपुर। सोहागपुर विकासखंड में खरपतवार नाशक दवा के छिड़काव के बाद धान की फसल खराब होने का मामला सामने आया है। किसानों का दावा है कि ‘विल सुपर’ नाम की खरपतवार नाशक दवा के छिड़काव के बाद धान की फसल सूखने, गलने और नष्ट होने लगी। बताया जा रहा है कि इस दवा से करीब डेढ़ से दो हजार एकड़ क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है।

पांच दुकानों से खरीदी गई थी दवा

कृषि विभाग के मुताबिक प्रभावित किसानों ने सोहागपुर और पिपरिया की पांच अलग-अलग दुकानों से ‘विल सुपर’ खरपतवार नाशक दवा खरीदी थी। दवा के छिड़काव के बाद फसल खराब होने की शिकायतें विभाग तक पहुंची हैं। अब तक प्रभावित किसानों में से केवल 10 किसानों ने कृषि विभाग के कार्यालय में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

कृषि विभाग ने बनाई जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपसंचालक कृषि ने 5 सदस्यीय जांच दल गठित किया है। टीम को तीन कार्य दिवस के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच दल में कृषि वैज्ञानिक, कीटनाशी निरीक्षक, कृषि एसडीओ, सोहागपुर के एसएडीओ और आरईओ को शामिल किया गया है। टीम फसल खराब होने के कारणों के साथ-साथ संबंधित दवा और उसके इस्तेमाल की भी जांच करेगी।

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कलमेसरा गांव में भी फसल खराब होने की शिकायत

अब प्रभावित गांवों की सूची में कलमेसरा का नाम भी जुड़ गया है। यहां के किसान नरेंद्र अहिरवार ने कृषि विभाग कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। कृषि विकास अधिकारी सुनील कुमार बर्डे के मुताबिक, सोहागपुर और पिपरिया की पांच दुकानों से खरीदी गई ‘विल सुपर’ के छिड़काव के बाद धान की फसल को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं।

किसानों में चिंता, दुकानदार दे रहे फसल बचने का भरोसा

फसल खराब होने की शिकायतों के बाद किसानों के बीच चिंता बढ़ गई है। वहीं, स्थानीय दुकानदार प्रभावित किसानों को फसल के दोबारा ठीक होने का भरोसा देते हुए कथित तौर पर निशुल्क दवाएं भी दे रहे हैं। हालांकि, फसल खराब होने की वास्तविक वजह क्या है और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल कृषि विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है।

Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...

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