भोपाल। महिला आरक्षण को लेकर देशभर में भाजपा शनिवार से विरोध प्रदर्शन कर रही है। नेता प्रेतिपक्ष राहुल गांधी के आवास में भी कल भाजपा की महिला सांसदों ने धरना दिया था। मध्य प्रदेश में भी महिला आरक्षण कानून बिल को संसद में विपक्ष द्वारा रोके जाने के खिलाफ भाजपा इसका मुंहतोड़ जवाब देने की कोशिश में जुट गई है।
रविवार को भोपाल में भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है। संसद में इस बिल का गिरना बेहद निंदनीय है इसने महिलाओं को गहरी चोट पहुंचाई है। दरअसल केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संशोधन बिल लोकसभा में पास कराने में फेल रही।
सीएम ने आगे कहा कि द्रोपदी का चीरहरण हमने 5 हजार साल पहले सुना था, लेकिन शुक्रवार को लोकसभा में जो हुआ उसने तमाम महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को धक्का दिया है। उनका कहना है कि इस बिल का पास न होने यह साफ तौर पर बता गया कि विपक्ष ने महिलाओं की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण से जुड़े निर्णय में सभी दलों को सुझाव देने का अवसर दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी को खुला पत्र लिखकर संवाद का रास्ता भी खुला रखा, ताकि कोई यह न कह सके कि चर्चा नहीं हुई।
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सीएम यादव ने ऐलान किया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर अब सरकार और पार्टी जनता के बीच जाएगी। सोमवार से नारी शक्ति वंदन पदयात्रा की शुरुआत होगी और पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में प्रदर्शन होंगे और नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत स्तर पर निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। साथ ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा और प्रस्ताव लाया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसने महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि 2023 में जिस अधिनियम का समर्थन किया गया, अब उसी का विरोध किया जा रहा है।
सीएम यादव ने कहा कि जब चुनाव नजदीक थे, तब समर्थन किया गया, लेकिन अब विरोध किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विपक्ष की मानसिकता को गैर-लोकतांत्रिक और विभाजनकारी बताया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब भी महिलाओं को अधिकार देने की बात आती है, विपक्ष अड़चनें पैदा करता है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसने पहले भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गलत निर्णय लिए हैं। अंत में उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हो चुका है और अब हर स्तर पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है।