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पुलिसकर्मी को धमकाने वाले गुजरात के ‘राजा’ शिवराज सिंह पर एफआईआर दर्ज

गुजरात के ‘राजा’ शिवराज सिंह पर एफआईआर दर्ज
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर के कनाड़िया थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक किशोर को गुजरात के लिमड़ी निवासी राजा शिवराज सिंह द्वारा धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।

    जानकारी के मुताबिक, थाने में दर्ज एक अन्य धोखाधड़ी प्रकरण की जांच के दौरान आरोपी पूजा वर्मा को नोटिस देने और थाने बुलाने के लिए प्रधान आरक्षक किशोर ने फोन किया था। हालांकि पूजा वर्मा द्वारा फोन का जवाब नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद मामले के जांच अधिकारी प्रधान आरक्षक बृजेश सिंगर ने किशोर के मोबाइल से आरोपी को कॉल कर जांच में सहयोग करने और थाने उपस्थित होने के लिए कहा।

     

    किशोर से अभद्रता की, बदतमीजी 

    बताया जा रहा है कि आरोपी के थाने नहीं आने की स्थिति में नोटिस व्हाट्सएप के जरिए भी भेजने की प्रक्रिया की जा रही थी। इसी बीच कुछ देर बाद गुजरात के लिमड़ी निवासी राजा शिवराज सिंह का कॉल प्रधान आरक्षक किशोर के मोबाइल पर आया। आरोप है कि शिवराज सिंह ने फोन पर किशोर से अभद्रता की, बदतमीजी की और धमकी दी।घटना के बाद प्रधान आरक्षक किशोर ने पूरे मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। शिकायत के आधार पर कनाड़िया थाना पुलिस ने आरोपी शिवराज सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

     वर्ष 2019 में  इंदौर के पलासिया थाना में  प्रकरण दर्ज 

    जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2019 में भी शिवराज सिंह लिमड़ी के खिलाफ इंदौर के पलासिया थाना में अप्रवासी भारतीय (NRI) नागरिक की संपत्ति पर अवैध कब्जे को लेकर प्रकरण दर्ज हुआ था। उस समय एनआरआई मनोज वर्गीस ने आरोप लगाया था कि साकेत नगर स्थित उनके बंगले में शिवराज सिंह लिमड़ी अवैध रूप से रह रहे थे। मामला उस समय तब सुर्खियों में आया था, जब शिकायतकर्ता ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ को ट्वीट कर हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था।

    बताया जाता है कि उस दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश भी हुई थी और शिवराज सिंह ने 15 दिन में बंगला खाली करने का लिखित आश्वासन दिया था। हालांकि बाद में मामला फिर तूल पकड़ गया और पुलिस कार्रवाई हुई। उस समय शिवराज सिंह ने खुद को किरायेदार बताया था, लेकिन कथित तौर पर इसके पर्याप्त साक्ष्य पुलिस के सामने पेश नहीं कर पाए थे।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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