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बिहार में जहरीली शराब से मौत का तांडव : अब तक 32 लोगों की मौत, सीवान में सबसे ज्यादा मौतें, 44 की हालत गंभीर

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बिहार में जहरीली शराब से मौत का तांडव : अब तक 32 लोगों की मौत, सीवान में सबसे ज्यादा मौतें, 44 की हालत गंभीर
छपरा/सीवान। बिहार में जहरीली शराब की वजह से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रही है। राज्य के 16 गांवों में जहरीली शराब से अब तक एक महिला समेत 32 लोगों की मौत हो चुकी है। सीवान में सबसे ज्यादा लोगों की जान गई है। वहीं 44 लोगों की हालत गंभीर है, इसके अलावा 7 लोगों की आंखों की रोशनी चली जाने की बात भी सामने आई है।

कहां कितने लोगों की गई जान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीवान में जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं छपरा में 4 लोगों की जान गई है। छपरा SP कुमार आशीष ने बताया कि, सारण जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 4 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। हमने SIT गठित कर 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, 3 लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि, सीवान में 26 और सारण में 6 लोगों की जान जा चुकी है। 44 लोगों की हालत गंभीर है। वहीं सीवान में 5 और  सारण में 2 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। सीवान सदर अस्पताल में 34, जबकि छपरा में 1 शख्स एडमिट हैं। सारण से कुछ लोगों को पटना के पीएमसीएच भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि, सीवान में मौत का सिलसिला 14 अक्टूबर से शुरू हुआ। वहीं सारण में जिन लोगों ने जान गई है, उन सभी ने 15 अक्टूबर को शराब पी थी।

सीवान में मौतें

  • 14 अक्टूबर : 2 मौत
  • 15 अक्टूबर : 4 मौत
  • 16 अक्टूबर : 17 मौत
  • 17 अक्टूबर : 3 मौत

पुलिस अधिकारी सस्पेंड

गांव वालों का आरोप है कि, पीड़ितों ने मंगलवार (15 अक्टूबर) रात को जहरीली शराब पी थी, जिसके बाद वे बीमार पड़ गए। डीएम ने कहा, "जिला प्रशासन ने हाई लेवल जांच शुरू कर दी है, निषेध और आबकारी विभाग के अधिकारियों की एक टीम भी मामले की जांच करेगी।" इस बीच, मशरक थाना के इब्राहिमपुर गांव के चौकीदार महेश राय और एएसआई रामनाथ झा को सस्पेंड किया गया है। दोनों पर सूचना जुटाने में लापरवाही का आरोप है। इसके साथ ही मशरक थानाध्यक्ष धनंजय राय, एसआई छविनाथ यादव को शॉ कॉज नोटिस भी दिया गया है।

14 अक्टूबर से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला

जानकारी के मुताबिक, बिहार में मौतों का सिलसिला सोमवार (14 अक्टूबर) से शुरू हुआ था। उस समय सीवान के भगवानपुर हाट में पार्टी में शराब पीने से दो लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद मंगलवार (15 अक्टूबर) की शाम से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया, जो बुधवार (16 अक्टूबर) देर रात तक जारी रहा। सीवान सदर अस्पताल में एक महिला समेत 17 शवों का पोस्टमॉर्टम हो चुका था। वहीं सारण में भी मंगलवार (15 अक्टूबर) रात से लोग बीमार पड़ने लगे। बताया जा रहा है कि, 15 अक्टूबर की रात तीन भाइयों ने मशरक प्रखंड के इब्राहिमपुर गांव में मछली पार्टी की थी। इस दौरान उन्होंने शराब भी पी थी, जिसके बाद दो लोगों की मौत हो गई। इलाज करवा रहे लोगों ने पुलिस को बताया कि, सीवान के भगवानपुर हॉट ब्लॉक के पास ही शराब बिक रही थी।

बिहार में 2016 में बैन हुई थी शराब

नीतीश कुमार सरकार ने अप्रैल 2016 में बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया था। हाल ही में बिहार सरकार ने कुबूल किया है कि, अप्रैल 2016 में राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद से अवैध शराब के सेवन से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ये भी पढ़ें- भारत के 51वें चीफ जस्टिस होंगे जस्टिस संजीव खन्ना: CJI चंद्रचूड़ ने की सिफारिश, सिर्फ 6 महीने का होगा कार्यकाल
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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