बोधगया मंदिर ब्लास्ट में 47 महीनों बाद हुआ सजा का एलान, 3 दोषियों को उम्रकैद और पांच को 10 साल की जेल
पटना। बिहार के बोध गया में स्थित महाबोधि मंदिर में 2018 में हुए विस्फोट और बमों की बरामदगी मामले में पटना की विशेष एनआईए अदालत ने दोषियों को सजा सुना दी। तीन दोषियों को आजीवन कारावास और पांच अन्य को दस साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। आठों दोषी आतंकवादी संगठन जमात-उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के सदस्य हैं।
एक आरोपी ने नहीं कबूला जुर्म
पटना की विशेष नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की स्पेशल कोर्ट ने 47 महीने बाद फैसला सुनाया है। अदालत ने 10 दिसंबर को सभी को अलग-अलग धाराओं में दोषी करार दिया था। फिलहाल, सभी दोषी पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। 19 जनवरी 2018 को धमाका हुआ था। इस मामले में 9 लोग आरोपी हैं। वहीं मामले में नौवें आरोपी जाहिद उल इस्लाम ने अपना जुर्म नहीं कबूला है, उसके खिलाफ सुनवाई जारी रहेगी। इस घटना से पहले भी महाबोधि मंदिर परिसर में 2013 में बम विस्फोट की घटना हुई थी।इन तीन को उम्रकैद
- पैगंबर शेख
- नूर आलम
- अहमद अली
इन पांच को 10 साल की सजा
- आरिफ हुसैन
- अब्दुल करीम
- मुस्तफिज रहमान
- आदिल शेख
- दिलावर हुसैन











