मोदी को मानते हैं बड़ा भाई, भूटान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को बताया 'भगवान विष्णु का अवतार', जमकर की तारीफ..!

नई दिल्ली। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जनसेवा सफर पर खास संदेश साझा किया है। सोशल मीडिया पर जारी दो पन्नों के पत्र में उन्होंने मोदी के साथ अपनी पुरानी मुलाकात को याद किया और बताया कि वह उन्हें बड़ा भाई क्यों मानते हैं। तोबगे ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और भारत में हुए बदलावों की तारीफ करते हुए उन्हें ‘विष्णु का अवतार’ तक बताया। उन्होंने कहा कि यह बात उन्होंने साल 2019 में मोदी से मुलाकात के दौरान भी कही थी। पत्र में उन्होंने भारत के भविष्य और 2047 के विकसित भारत लक्ष्य पर भी अपनी राय रखी।

2019 की मुलाकात को किया याद
तोबगे ने पत्र में 27 जुलाई 2019 की मुलाकात का जिक्र किया। उस समय उनकी पार्टी भूटान का चुनाव हार चुकी थी और संसद में उसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं था। वह प्रधानमंत्री या सांसद नहीं थे और एक आम नागरिक के तौर पर दिल्ली में मोदी से मिले थे। उन्होंने मोदी को पहले मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वह उन्हें हमेशा अपना बड़ा भाई मानेंगे।
‘उन्होंने छोटे भाई जैसा स्नेह दिया’
भूटान के प्रधानमंत्री ने बताया कि मोदी को बड़ा भाई मानने की वजह केवल उम्र नहीं है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ हमेशा उसी तरह स्नेह और अपनापन दिखाया, जैसा कोई बड़ा भाई अपने छोटे भाई के साथ रखता है। इसी व्यक्तिगत अनुभव को याद करते हुए उन्होंने मोदी के प्रति अपने सम्मान को पत्र में खुलकर जाहिर किया।
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क्यों कहा ‘विष्णु का अवतार’?
तोबगे ने बताया कि 2019 की मुलाकात के दौरान उन्होंने मोदी से कहा था कि वह उन्हें विष्णु के अवतार के रूप में देखते हैं। उन्होंने समझाया कि उनके क्षेत्र की परंपराओं में अच्छे और समझदार शासकों को इस तरह सम्मान देने की सोच रही है। बाद में उन्होंने खुद भी सोचा कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा, लेकिन समय के साथ उनका विश्वास और मजबूत हुआ।
मोदी के काम और नेतृत्व की तारीफ
तोबगे ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के लंबे कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में विकास, निवेश, बुनियादी ढांचे और काम को पूरा करने पर जोर दिखाई देता था। बाद में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी सोच को पूरे देश तक ले जाने की कोशिश की। तोबगे ने मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, वित्तीय पहुंच, स्वच्छता और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों का भी जिक्र किया।
‘भारतीयों का आत्मविश्वास बढ़ा’
पत्र में तोबगे ने कहा कि मोदी की सबसे प्रभावी बातों में से एक लोगों में देश को लेकर भरोसा बढ़ाना है। उनके अनुसार, भारतीयों में अपनी क्षमता और देश की भूमिका को लेकर आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने मोदी को मेहनती, अनुशासित और देश की सेवा के प्रति समर्पित नेता के रूप में भी पेश किया।
विकसित भारत के विजन की सराहना
तोबगे ने मोदी के ‘विकसित भारत’ लक्ष्य की भी तारीफ की। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के विजन को एक स्पष्ट लक्ष्य बताया। उनके मुताबिक यह केवल किसी एक नेता या सरकार की योजना नहीं, बल्कि मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा बड़ा राष्ट्रीय लक्ष्य है।
‘सबका साथ’ का भी किया जिक्र
भूटान के प्रधानमंत्री ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की सोच को भी अपने पत्र में जगह दी। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब देश के हर नागरिक की उम्मीदों और आकांक्षाओं को साथ लेकर आगे बढ़ना है। पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि मोदी ने भारत को केवल एक लक्ष्य नहीं दिया, बल्कि लोगों को उस लक्ष्य पर भरोसा करने और उसे हासिल करने के लिए प्रेरित भी किया।




















