सड़क निर्माण में लापरवाही: 4 एकड़ फसल बर्बाद, किसान ने कर्ज लेकर बोई थी फसल

दमोह। पथरिया में सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से किसान की 4 एकड़ फसल पानी में डूब गई। किसान ने पीडब्ल्यूडी विभाग और निर्माण एजेंसी की लापरवाही को फसल बर्बादी का कारण बताया है। कर्ज लेकर बोई गई फसल बर्बाद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसान और ग्रामीणों ने मामले में जांच, न्याय और मुआवजे की मांग की है।
जल निकासी की व्यवस्था नहीं, खेत में भरा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी द्वारा लखरौनी के चौमुखी नाथ से बरमदेव तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों ने सड़क निर्माण के दौरान पानी की ड्रेनेज व्यवस्था का कोई प्रबंध नहीं किया। बारिश और निर्माण कार्य का पानी सीधे किसान के खेतों में पहुंच गया। देखते ही देखते 4 एकड़ की हरी-भरी फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई।
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किसान ने कर्ज लेकर बोई थी फसल
फसल बर्बाद होने के बाद किसान का रो-रोकर बुरा हाल है। खाद, बीज और सिंचाई के लिए कर्ज लेकर बोई गई फसल के डूबने से किसान पर आर्थिक संकट टूट पड़ा है। किसान रामसेवक चौरसिया का कहना है कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर और कर्ज लेकर फसल बोई थी। उनका आरोप है कि पीडब्ल्यूडी की जिद और लापरवाही ने खेत को समंदर बना दिया और अब परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश, मुआवजे की मांग
इस घटना के बाद ग्रामीणों और किसान में भारी आक्रोश है। सवाल उठ रहा है कि बिना ड्रेनेज प्लान के इस तरह के निर्माण कार्य को मंजूरी किसने दी और किसान की बर्बाद हुई फसल की जिम्मेदारी कौन लेगा। किसान का कहना है कि अगर समय रहते न्याय और मुआवजा नहीं मिला, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने विभाग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
एसडीओ ने फोन नहीं उठाया
मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी एसडीओ वर्षा मिश्रा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। ऐसे में विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर फिलहाल कोई पक्ष सामने नहीं आया है। किसान और ग्रामीण अब प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लापरवाही के कारण अन्नदाता की महीनों की मेहनत बर्बाद हुई है।












