भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर छापा, 275 लीटर कच्ची शराब और 15 हजार किलो लाहन जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल के तरावली गांव में मंगलवार सुबह पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बनाने के ठिकानों पर दबिश दी। जंगल में गांव से दूर चल रही कच्ची शराब की भट्टियों पर की गई इस कार्रवाई में करीब 275 लीटर अवैध हाथ भट्टी मदिरा और 15 हजार किलो लाहन बरामद किया गया। टीम ने मौके से शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली 12 भट्टियां और 2 बॉयलर भी जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग डेरों में तलाशी ली गई। जमीन के अंदर अवैध तरीके से बनाई गई 12 भट्टियां मिलीं, जिन्हें मौके पर नष्ट कर दिया गया। वहीं शराब तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो बॉयलर जब्त कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। इसके अलावा 30 से ज्यादा खाली और भरे ड्रम भी कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए।

सुबह तड़के पहुंचा पुलिस और आबकारी का भारी अमला
अवैध शराब बनाए जाने की सूचना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मंगलवार सुबह तड़के तरावली गांव के जंगल क्षेत्र में पहुंची। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के निर्देशन में कंट्रोलर वर्षा उइके और टीम ने कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बने डेरों और खुले पड़े घरों की तलाशी ली गई। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस और आबकारी विभाग के 52 अधिकारी और 175 कर्मचारी शामिल रहे। बड़ी संख्या में अमले के पहुंचने से इलाके में अवैध शराब का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई की भनक लगते ही भागे लोग
टीम के पहुंचने की भनक लगते ही शराब बनाने वाले डेरों में मौजूद लोग अपने घरों को छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद टीम ने अलग-अलग डेरों में बने खुले और खाली पड़े घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में लाहन और तैयार कच्ची शराब बरामद हुई। टीम को जमीन के अंदर शराब बनाने के लिए बनाई गई भट्टियां भी मिलीं। इन सभी भट्टियों को नष्ट कर दिया गया, ताकि मौके पर दोबारा शराब तैयार न की जा सके। कार्रवाई में बरामद करीब 275 लीटर अवैध हाथ भट्टी मदिरा और 15,000 किलोग्राम लाहन को जब्ती में लिया गया है। शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले दो बॉयलर और 30 से ज्यादा ड्रम भी जब्त किए गए।
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जंगल में दूर बनाया गया था शराब बनाने का ठिकाना
बताया गया है कि तरावली गांव के आसपास जंगल के ऐसे हिस्से में अवैध शराब बनाई जा रही थी, जो आबादी से काफी दूर है। शराब बनाने वालों ने ठिकाने इस तरह बनाए थे कि बाहरी लोगों को इसकी आसानी से जानकारी न हो। यह इलाका भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड पर लक्ष्मणपुरा गांव के आसपास बताया गया है। यहीं से तरावली मंदिर जाने का रास्ता भी निकलता है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, तरावली और आसपास के गांवों में बनने वाली अवैध शराब की बिक्री इसी क्षेत्र के आसपास की जाती है।
10 से 20 रुपये में पन्नियों में शराब बेचने का दावा
स्थानीय स्तर पर यह भी बताया गया है कि लक्ष्मणपुरा और आसपास के इलाके में करीब एक किलोमीटर के दायरे में पन्नियों में अवैध शराब बेची जाती है। इसकी कीमत करीब 10 से 20 रुपये बताई जाती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक आबकारी विभाग की ओर से पहले भी यहां कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन कार्रवाई के कुछ दिन बाद कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री फिर शुरू हो जाती है। ऐसे में इस बार बड़ी मात्रा में कच्ची शराब और शराब बनाने का सामान मिलने के बाद कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी नजर रहेगी।
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ये अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
संयुक्त कार्रवाई में एसडीओपी बैरसिया वैशाली करहेलिया, एसडीओपी दुर्जन सिंह बरकड़े, थाना प्रभारी बैरसिया रामबाबू चौधरी, थाना प्रभारी गुनगा रिंकू जाटव और निरीक्षक नरेंद्र यादव समेत पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। आबकारी विभाग की ओर से बैरसिया वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र देवांगन, उप निरीक्षक चंदर सिंह सहित भोपाल जिला आबकारी विभाग, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और संभागीय उड़नदस्ता के अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे। पुलिस और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अवैध शराब और शराब बनाने की सामग्री बरामद होने के बाद संबंधित प्रकरणों में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




















