PU Special :भोपाल के सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर, दीवारें बनीं किताब; रंगों से सीख रहे बच्चे

रामचन्द्र पाण्डेय, भोपाल। फंदा ग्रामीण के इस स्कूल में दीवारों को आकर्षक और ज्ञानवर्धक चित्रों से सजाया गया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में स्कूल आने का उत्साह बढ़ाने के साथ उनकी कल्पनाशक्ति, जिज्ञासा और रचनात्मकता को विकसित करना है। शिक्षकों की पहल, कलाकारों की रचनात्मकता और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से स्कूल का माहौल बदला गया है।
शाला प्रभारी राकेश पटेल ने क्या कहा?
शासकीय प्राथमिक विद्यालय सेमरी खुर्द के शाला प्रभारी राकेश पटेल ने बताया कि बच्चे स्कूल में खुशी से आएं और खेल-खेल में सीखें। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। दीवारों पर बनी कलाकृतियां बच्चों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता बढ़ाएंगी। लक्ष्य सेमरी खुर्द को ऐसी अनूठी शाला बनाना है, जहां आनंद, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा साथ मिलें।

शिक्षक की भूमिका सिर्फ पढ़ाने तक नहीं
शिक्षक अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करने के साथ बच्चों और विद्यालय के विकास की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद सामुदायिक सहयोग से स्कूल का वातावरण बेहतर बनाया जा सकता है। सेमरी खुर्द का सरकारी स्कूल इसी प्रयास का उदाहरण बनकर सामने आया है।

'चित्रों को देखकर नई चीजें जानने की उत्सुकता बढ़ती है'
स्टूडेंट कृष्णा गौतम ने बताया कि पहले स्कूल की दीवारें सामान्य थीं, लेकिन अब रंग-बिरंगे चित्र देखकर अच्छा लगता है और स्कूल आने का मन करता है। चित्रों को देखकर नई चीजें जानने की उत्सुकता बढ़ती है। पढ़ाई के साथ चित्रों को समझना भी अच्छा लगता है और स्कूल पहले से ज्यादा सुंदर दिखाई देता है।

बच्चों को पढ़ाई करने में होती है आसानी
स्टूडेंट आकर्शी वर्मा ने बताया कि स्कूल में बने चित्र बच्चों को आकर्षित करते हैं। इन्हें देखकर वे अपने मन से भी कई तरह की तस्वीरें बनाने के बारे में सोचते हैं। पढ़ाई के दौरान चित्रों से चीजें समझने में आसानी होती है और दोस्तों के साथ सीखने और नई गतिविधियां करने में अब ज्यादा मजा आता है।

दीवारों पर उकेरी सीखने की दुनिया
स्कूल में म्यूरल पेंटिंग का काम कलाकार दर्शना डेव और इंदु हरिकुमार के मार्गदर्शन में किया गया है। इसमें स्थानीय कॉलेजों के स्वयंसेवकों ने भी भागीदारी की। चित्रकारी का मकसद सिर्फ स्कूल को सुंदर बनाना नहीं, बल्कि बच्चों को दृश्य माध्यम से सीखने, सवाल पूछने और अपनी कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करना है।




















