भोपाल-डबरा में पासपोर्ट का अजब कनेक्शन! एक मठ से 40 दस्तावेजों ने चौंकाया, STF जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी

भोपाल। मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान बनाने और पासपोर्ट हासिल करने के नेटवर्क की जांच अब आगे बढ़ रही है। STF की पड़ताल में भोपाल के एक मठ के पते से करीब 40 संदिग्ध पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा डबरा के एक बौद्ध विहार के पते से भी करीब 30 पासपोर्ट जारी होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों के आधार, पैन, जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया को खंगाल रही है। मामले की कड़ियां दूसरे राज्यों तक जुड़ने की भी जांच की जा रही है।
एक पते से इतने पासपोर्ट
STF की जांच में भोपाल और डबरा के कुछ खास पतों से 70 से ज्यादा संदिग्ध पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। इनमें भोपाल के एक मठ का पता भी शामिल बताया जा रहा है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों का वास्तव में इन स्थानों से कोई संबंध था या दस्तावेजों में इन पतों का इस्तेमाल किया गया।
बांग्लादेश से आए लोगों की पहचान का आरोप
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि बांग्लादेश से भारत आए कुछ लोगों के लिए भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार कराए गए। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र शामिल बताए जा रहे हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पते से पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश की गई। STF अब दस्तावेज तैयार करने और उन्हें सत्यापित करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।
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बौद्ध अनुयायी बनकर विदेश यात्रा की भी जांच
जांच एजेंसी को कुछ संदिग्ध लोगों के बौद्ध अनुयायी के रूप में विदेश यात्रा करने की जानकारी भी मिली है। STF अब थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका और जापान की यात्राओं से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। इन यात्राओं का फर्जी दस्तावेजों और नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड जेल में
मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। वहीं मास्टरमाइंड रियाल चौधरी पहले से जेल में है। जांच एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। दस्तावेज बनाने से लेकर पासपोर्ट जारी होने तक की प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई, यह भी जांच का हिस्सा है।
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असम पहुंची STF की पांच सदस्यीय टीम
जांच को आगे बढ़ाने के लिए STF की पांच सदस्यीय टीम असम पहुंची है। टीम वहां दस्तावेजों और संदिग्ध लोगों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। खासतौर पर पासपोर्ट सत्यापन में लापरवाही या गड़बड़ी की भूमिका जांची जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क का दायरा मध्य प्रदेश के बाहर कितना फैला हुआ है।



















