भोपाल नगर निगम की बैठक में टैक्स बढ़ोतरी पर हंगामा, भवन किराए पर देने का प्रस्ताव पास; कमिश्नर की गैरमौजूदगी पर अध्यक्ष नाराज

भोपाल नगर निगम परिषद की बुधवार को ISBT स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक की शुरुआत ही टैक्स बढ़ोतरी के मुद्दे पर हंगामे के साथ हुई। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने शहर के कई इलाकों में बदले गए परिक्षेत्रों के चलते बढ़े टैक्स का मुद्दा उठाया और महापौर मालती राय से जवाब मांगा। इसी बैठक में नगर निगम के भवनों को किराए पर देने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बजट में टैक्स नहीं बढ़ाने का दावा
बैठक शुरू होते ही शबिस्ता जकी ने महापौर के बजट भाषण का हवाला देते हुए कहा कि मार्च में बजट पेश करते समय शहरवासियों पर कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद बाद में कई क्षेत्रों के परिक्षेत्र बदल दिए गए, जिससे लोगों पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ा। महापौर मालती राय ने जवाब दिया कि परिक्षेत्र बदलने की प्रक्रिया हर साल होती है और इस बार भी तय प्रक्रिया के तहत बदलाव किए गए हैं। इस पर जकी ने सवाल उठाया कि यदि परिक्षेत्र बदलना नियमित प्रक्रिया है तो इसकी जानकारी बजट भाषण के दौरान स्पष्ट रूप से क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि शहरवासियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने से पहले परिषद के सामने इसकी पूरी जानकारी रखी जानी चाहिए थी।
बजट की जानकारी कुछ मिनट पहले मिलने पर सवाल
मामला बढ़ने पर परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बजट पर चर्चा के दौरान ही टैक्स से जुड़ा मुद्दा उठाना चाहिए था। इसके जवाब में शबिस्ता जकी ने कहा कि बजट की जानकारी बैठक से कुछ मिनट पहले ही उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में विपक्ष पहले से इसकी तैयारी कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि टैक्स से जुड़े बदलावों पर परिषद में पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए।
मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने घेरी अध्यक्ष की आसंदी
बैठक के दौरान भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी को घेर लिया। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि राजधानी के व्यवस्थित विकास के लिए मास्टर प्लान बेहद जरूरी है और इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए। मास्टर प्लान को लेकर पार्षदों ने नगर निगम और शहर के विकास से जुड़े कई सवाल भी उठाए।
ये भी पढ़ें: बेटे की गाड़ी बनी कमाई का जरिया! पंचायत निधि से 5 लाख से ज्यादा भुगतान,तीन पर FIR
सड़क, गड्ढे और जलभराव के मुद्दे एजेंडे से बाहर होने पर विपक्ष नाराज
विपक्ष ने परिषद की बैठक के एजेंडे में शहर की कई प्रमुख समस्याओं को शामिल नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि बैठक में ऐसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, जिनका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। विपक्ष ने खास तौर पर बारिश के बाद खराब हुई सड़कों का मुद्दा उठाया। राजधानी के कई इलाकों में सड़कें उखड़ गई हैं, जगह-जगह गड्ढे हैं और कई स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों की शिकायतें हैं। विपक्ष का कहना है कि ये समस्याएं शहरवासियों की रोजमर्रा की परेशानी से जुड़ी हैं लेकिन परिषद के एजेंडे में इन पर चर्चा का पर्याप्त प्रावधान नहीं है। इसी वजह से विपक्ष ने बैठक में शहर सरकार को घेरने की तैयारी की।
भवनों को किराए पर देने का प्रस्ताव पास
परिषद की बैठक में नगर निगम के भवनों को किराए पर देने से जुड़ा प्रस्ताव भी पारित किया गया। नगर निगम की खाली या उपयोग में नहीं आ रही संपत्तियों से राजस्व जुटाने के उद्देश्य से उन्हें किराए पर देने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि भवनों को किराए पर देने की प्रक्रिया, किराया निर्धारण और किन संपत्तियों को इसमें शामिल किया जाएगा इससे जुड़े नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें: Bilaspur: ट्रांसफर-पोस्टिंग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कर्मचारी अपनी पसंद की जगह पोस्टिंग का नहीं मांग सकता अधिकार
कमिश्नर की गैरमौजूदगी पर अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
बैठक के दौरान नगर निगम कमिश्नर के मौजूद नहीं रहने का मुद्दा भी उठा। परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने अधिकारियों की मौजूदगी और परिषद की कार्यवाही को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। अध्यक्ष की नाराजगी के बाद बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हुई। नगर निगम परिषद की बैठक में टैक्स, मास्टर प्लान, सड़क, जलभराव, सफाई और निगम की संपत्तियों को किराए पर देने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। विपक्ष ने जनहित से जुड़े मुद्दों को एजेंडे में शामिल करने की मांग करते हुए सत्ता पक्ष पर सवाल उठाए, जिससे बैठक के दौरान कई बार हंगामे की स्थिति बनी।














