Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
हर साल 19 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन पुरुषों के सम्मान, योगदान, मेहनत और संघर्ष को याद दिलाने के लिए समर्पित है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस की थीम ‘पुरुषों और लड़कों का समर्थन’ रखी गई है, जिसका मुख्य कारण शहर में पुरुष प्रताड़ना के मामलों में तेज बढ़ोतरी को बताया जा रहा है। पुरुष सहायता संगठन ‘भाई’ की हेल्पलाइन पर इस साल अब तक 4640 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जो पिछले वर्ष की 2125 शिकायतों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हैं। मामलों में इस वृद्धि को देखते हुए संगठन प्रदेशभर में पुरुषों के समर्थन, जागरूकता और मानसिक सहारे के लिए कई गतिविधियां चला रहा है।
बुधवार को चिनार पार्क में उन पुरुषों की याद में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिन्होंने वैवाहिक प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी जान दे दी। इसके अलावा जागरूकता अभियान, जनसभा, कानूनी मार्गदर्शन और स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
सेव इंडिया फैमिली की सहयोगी संस्था भोपाल अगेंस्ट इनजस्टिस (भाई) पुरुषों और उनके परिवारों को मदद दे रही है। हेल्पलाइन 8882498498 पर बड़ी संख्या में लोग संपर्क कर चुके हैं। संस्थापक ज़की अहमद के अनुसार, संगठन उन पुरुषों को कानूनी मदद देता है, जो घरेलू हिंसा कानून के दुरुपयोग से परेशान हैं। कई मामलों में शादी के बाद पुरुषों पर दहेज प्रताड़ना और अन्य आरोप लगाए गए।
भोपाल के करोंद निवासी सौरभ पर शादी के एक साल बाद दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज हुआ। बाद में तलाक हुआ और कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। अब उनकी पूर्व पत्नी नए रिश्तों में भी दखल देती है।
सुरेश ने कहा कि पत्नी ने शादी से पहले जुड़वां बच्चों की बात छिपाई और अब तलाक के बदले 25 लाख रुपए मांग रही है। हरीश की पत्नी ने शादी के छह महीने बाद दहेज केस दर्ज किया और अब भरण-पोषण और संपत्ति का हिस्सा चाहती है।
संस्था के प्रयासों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने धारा 498A में बिना जांच गिरफ्तारी पर रोक लगाई। अब घरेलू हिंसा मामलों में डीआईआर भरना अनिवार्य है, ताकि बिना जांच किसी को तुरंत गिरफ्तार न किया जा सके।