भोपाल की फर्नीचर फैक्ट्री में भीषण आग:करोड़ों का नुकसान, 100 टैंकर पानी के बाद भी धधकती रही आग

भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित शुभम एंटरप्राइजेस नाम की फर्नीचर फैक्ट्री में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री उसकी चपेट में आ गई। फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में लकड़ी, प्लाईवुड, केमिकल और थिनर रखा हुआ था, जिसके कारण आग लगातार भड़कती चली गई। आग लगने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना पड़ा।
कई फायर स्टेशनों की दमकलें मौके पर पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। गांधीनगर, गोविंदपुरा, कोलार, बैरागढ़, फतेहगढ़, आईएसबीटी और कबाड़खाना फायर स्टेशन से दमकल वाहन और पानी के टैंकर बुलाए गए। आग पर काबू पाने के लिए रातभर लगातार प्रयास किए गए। फायर कर्मियों ने कई घंटों तक संघर्ष किया, तब जाकर सुबह करीब 9 बजे आग की बड़ी लपटों को नियंत्रित किया जा सका।
हालांकि आग पूरी तरह बुझ नहीं सकी थी। फैक्ट्री के अंदर मौजूद लकड़ी और केमिकल के कारण आग अंदर ही अंदर सुलगती रही।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग इसकी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल माना जा रहा है कि बिजली के तारों में आई तकनीकी खराबी के कारण आग लगी, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया।
करोड़ों का सामान जलकर खाक
आग की इस घटना में फैक्ट्री के अंदर रखा भारी मात्रा में फर्नीचर, प्लाईवुड, लकड़ी, दरवाजे और अन्य तैयार माल पूरी तरह जल गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक आग से करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में कच्चा और तैयार माल मौजूद था। आग इतनी ज्यादा थी कि कई घंटों तक लगातार पानी डालने के बाद भी आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका।
यह भी पढ़ें: महाकाल मंदिर में हुई रिंग सेरेमनी! वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा एजेंसी पर लगा जुर्माना
100 से ज्यादा टैंकर पानी का इस्तेमाल
आग बुझाने के लिए नगर निगम और फायर ब्रिगेड को भारी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार आग बुझाने में करीब 100 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद आग बार-बार भड़क रही थी। केमिकल और थिनर जैसे ज्वलनशील पदार्थ आग को और ज्यादा फैलाने का काम कर रहे थे। यही वजह रही कि राहत दल को पूरी रात और अगले दिन तक आग बुझाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
बिल्डिंग का हिस्सा तोड़कर बुझाई गई आग
फायर फाइटर ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में दो जेसीबी मशीनों की मदद ली गई। सबसे पहले फैक्ट्री के क्षतिग्रस्त स्ट्रक्चर को तोड़ा गया, ताकि अंदर तक पहुंच बनाई जा सके। इसके बाद JCB की मदद से जली हुई लकड़ियों और मलबे को अलग-अलग किया गया। फिर दमकल कर्मियों ने उन हिस्सों पर पानी डालकर आग को बुझाने का काम किया। यह प्रक्रिया कई घंटों तक चली।
रातभर डटे रहे 50 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी
आग को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम के 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग को आसपास की फैक्ट्रियों तक पहुंचने से रोका। उनके प्रयासों की वजह से एक बड़ाहादसा टल गया।
फैक्ट्री में बनते थे दरवाजे और ब्लैक बोर्ड
जानकारी के अनुसार शुभम एंटरप्राइजेस में बड़े पैमाने पर प्लाईवुड, लकड़ी के दरवाजे और ब्लैक बोर्ड तैयार किए जाते थे। फैक्ट्री में उत्पादन के लिए भारी मात्रा में लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी जाती थी। इसी वजह से आग लगने के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई। लकड़ी, केमिकल और थिनर ने आग को तेजी से फैलाया और बुझाने के प्रयासों को भी मुश्किल बना दिया।
फिलहाल आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन प्रशासन और पुलिस की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही फैक्ट्री मालिक को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।











