PlayBreaking News

भोपाल में मास्टर प्लान पर कांग्रेस का हल्लाबोल: नगर निगम दफ्तर का घेराव, पुतला फूंका

भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और मास्टर प्लान को लेकर सियासत तेज हो गई है। गुरुवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों को राहत देने, मास्टर प्लान लागू करने और कमर्शियल टैक्स लौटाने की मांग उठाई गई।
Follow on Google News
भोपाल में मास्टर प्लान पर कांग्रेस का हल्लाबोल: नगर निगम दफ्तर का घेराव, पुतला फूंका
भोपाल में मास्टर प्लान पर कांग्रेस का हल्लाबोल

भोपाल। नगर निगम मुख्यालय पर कांग्रेस ने प्रदर्शन करते हुए सरकार पर 25 साल से मास्टर प्लान लागू नहीं करने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि इसकी वजह से व्यापारी परेशान हो रहे हैं और अब कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस ने निगम पर वर्षों से कमर्शियल टैक्स वसूलने पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी और आदेश का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए। 

नगर निगम दफ्तर पर कांग्रेस का प्रदर्शन

गुरुवार दोपहर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लिंक रोड नंबर-2 स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए निगम का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य गेट पर नगर निगम का पुतला भी फूंका गया। करीब 45 मिनट तक चले इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और पार्षद मौजूद रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और निगम की नीतियों का खामियाजा शहर के व्यापारी भुगत रहे हैं।

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 374 अंक उछला, सरकारी बैंकिंग शेयरों में रही खरीदारी

मास्टर प्लान लागू करने की उठी मांग

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि भोपाल पिछले लगभग 25 वर्षों से बिना मास्टर प्लान के आगे बढ़ रहा है, जिससे लगातार विवाद की स्थिति बन रही है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मास्टर प्लान अंतिम चरण तक पहुंच गया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद उसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द नया मास्टर प्लान लागू करे और तब तक व्यापारियों को राहत देने के लिए मिक्स लैंड यूज की व्यवस्था लागू की जाए।

Breaking News

कमर्शियल टैक्स वसूली पर कांग्रेस के सवाल

कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि जब शहर के कई आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है, तब नगर निगम वर्षों से दुकानदारों और व्यापारियों से कमर्शियल टैक्स किस आधार पर वसूलता रहा। उन्होंने मांग की कि अगर नियमों के अनुसार व्यवसाय की अनुमति नहीं थी, तो निगम को व्यापारियों से वसूली गई कमर्शियल टैक्स की राशि वापस करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का मामला बताया।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बनी सियासी मुद्दा

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया सुनवाई का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि अदालत ने राज्य सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि नगर निगम अदालत में प्रभावी ढंग से अपना पक्ष नहीं रख सका, जिससे सरकार और प्रशासन की स्थिति कमजोर हुई। इसी वजह से अब व्यापारियों पर कार्रवाई का संकट गहरा गया है।

यौन उत्पीड़न केस में तरुण तेजपाल को झटका, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

अदालत ने कानून के पालन पर दिया जोर

सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अदालत को बताया कि अवैध निर्माण और आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कार्रवाई में कई स्तरों पर बाधाएं आ रही हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के निर्देशों के समानांतर किसी दूसरी प्रक्रिया से जांच को प्रभावित नहीं किया जा सकता और कानून का पालन हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए व्यापारियों के हितों की भी रक्षा करनी चाहिए, ताकि प्रशासनिक खामियों का बोझ आम लोगों पर न पड़े।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

Bhopal
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts