Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर को बड़ा झटका,केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह BJP में शामिल

बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर को बड़ा झटका, केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह बीजेपी में शामिल हो गए। जानिए इस राजनीतिक बदलाव का उपचुनाव पर क्या असर पड़ सकता है और अब दोनों दलों की चुनावी रणनीति क्या है।
केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह BJP में शामिल
बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर को एक बड़ा झटका लगा है। उनके दो अहम सहयोगी, केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह, भाजपा में शामिल हो गए हैं।

पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह ने जन सुराज छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। दोनों नेताओं के पार्टी छोड़ने को उपचुनाव से ठीक पहले जन सुराज के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि संगठन और चुनावी तैयारियों में उनकी अहम भूमिका रही है।

केसी सिन्हा का क्षेत्र में माना जाता है अच्छा प्रभाव

केसी सिन्हा पिछले विधानसभा चुनाव में कुम्हरार सीट से जन सुराज के उम्मीदवार रहे थे। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान और संगठन पर पकड़ मानी जाती है। ऐसे में चुनाव से पहले उनका बीजेपी में शामिल होना जन सुराज के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बिट्टू सिंह के पार्टी छोड़ने से भी जन सुराज के स्थानीय संगठन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह के बदलाव का असर पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी पड़ सकता है।

बांकीपुर सीट पर दिलचस्प हुआ मुकाबला

बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव राज्यसभा के लिए नितिन नवीन के चुने जाने के बाद खाली हुई है। बीजेपी ने इस सीट से नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। नीरज कुमार सिन्हा भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं। पार्टी ने उन्हें तब उम्मीदवार बनाया, जब पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार (बंटी) ने अपना नाम वापस ले लिया। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर खुद जन सुराज की ओर से चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में यह मुकाबला बिहार की राजनीति का सबसे चर्चित उपचुनाव बन गया है।

Breaking News

उपचुनाव से पहले बदला राजनीतिक समीकरण

केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह के बीजेपी में जाने से बांकीपुर का चुनावी समीकरण बदलता नजर आ रहा है। जन सुराज अभी संगठन को मजबूत करने में जुटी है और ऐसे समय में वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ना चुनावी चुनौती को और बढ़ा सकता है। वहीं बीजेपी इसे अपनी चुनावी रणनीति के लिए बड़ी बढ़त मान रही है।

कांग्रेस की साइकिल रैली : पेपर लीक, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर गरजे जीतू पटवारी, सीहोर से भोपाल कूच कर भरी हुंकार

30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, बांकीपुर (बिहार) समेत मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को मतदान होगा। सभी सीटों के नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। बांकीपुर उपचुनाव पर पूरे बिहार की नजर है, क्योंकि यहां सीधे तौर पर बीजेपी और जन सुराज के बीच राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलेगा।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

Latest Posts