कांग्रेस की साइकिल रैली :पेपर लीक, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर गरजे जीतू पटवारी, सीहोर से भोपाल कूच कर भरी हुंकार
सीहोर। मध्य प्रदेश कांग्रेस की 'युवा स्वाभिमान यात्रा- छात्रों की गूंज' बुधवार को सीहोर पहुंची, जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला बोला। साइकिल यात्रा, युवा संवाद और जनसभा के माध्यम से कांग्रेस ने बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और किसानों के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री निवास के घेराव का ऐलान किया। कोतवाली चौराहे पर आयोजित सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के भविष्य और किसानों के अधिकारों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
साइकिल यात्रा से कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
आष्टा में रात्रि विश्राम के बाद बुधवार सुबह यात्रा कोठरी, अमलाहा, सौंडा, नापली और मुगीसपुर होते हुए सीहोर पहुंची। शहर में प्रवेश करते ही इंदौर नाका, बढ़ियाखेड़ी चौराहा, लीसा टॉकीज, बड़ा बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। सैकड़ों कार्यकर्ता साइकिलों के साथ रैली में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने इसे युवाओं के सम्मान, रोजगार और अधिकारों की लड़ाई बताते हुए व्यापक जनसमर्थन जुटाने का प्रयास किया।
सरकार पर साधा निशाना, भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार और सीएम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- मैं मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाता हूं तो मुख्यमंत्री मुझे गालियां देते हैं। वे मुझे 'रद्दी वाला अध्यक्ष' कहते हैं। क्या मैं रद्दी अध्यक्ष हूं?" पटवारी ने कहा कि कांग्रेस युवाओं, छात्रों और आम जनता के मुद्दे उठा रही है, लेकिन सरकार जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मामलों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।
'90 पेपर लीक और 50 परीक्षाएं रद्द' का दावा
सभा को संबोधित करते हुए पटवारी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देशभर में 90 बार पेपर लीक हुए और 50 परीक्षाएं निरस्त करनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रही गड़बड़ियों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा विवादों के कारण कई छात्र मानसिक तनाव का शिकार हुए। कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।
युवा और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरा
जनसभा में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनिश्चितता और कथित अनियमितताओं ने उसकी उम्मीदों को कमजोर किया है। वहीं किसानों को लागत, समर्थन मूल्य और फसलों के उचित दाम नहीं मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार इन दोनों वर्गों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। कांग्रेस ने कहा कि युवा स्वाभिमान यात्रा का उद्देश्य इन्हीं मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर सरकार पर लोकतांत्रिक दबाव बनाना है।
सीहोर से भोपाल कूच, CM हाउस घेराव का ऐलान
सभा के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला आनंद डेयरी चौराहा, बस स्टैंड, सेकड़ाखेड़ी रोड और फंदा टोल होते हुए भोपाल के लिए रवाना हुआ। इस दौरान फंदा टोल पर जाम के हालात भी बने। यात्रा का अंतिम पड़ाव मुख्यमंत्री निवास का घेराव रखा गया, जहां युवाओं और किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया गया। पूरे मार्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
जिला संगठन ने संभाली जिम्मेदारी
यात्रा को सफल बनाने के लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, शहर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारियों ने व्यापक तैयारियां की थीं। गांवों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए पहले से अभियान चलाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे युवाओं के सम्मान, रोजगार और किसानों के अधिकारों की लड़ाई बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने की अपील की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने सीहोर में कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।














