Bandhavgarh Tiger Reserve : कार्डियो रेस्पिरेटरी फेल्योर बना बांधवगढ़ में नर बाघ की मौत का कारण

जबलपुर। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला के एक घर में 24 मई को मृत पाए गए नर बाघ का पोस्टमार्टम 25 मई को किया गया। तीन वन्यजीव चिकित्सकों के पैनल और दो विशेष आमंत्रित विशेषज्ञों ने जांच की। चार दिन बाद आई दूसरे पीएम रिपोर्ट में बताया गया कि मृत नर बाघ की मांसपेशियां पीली और सूखी थीं, पाचन तंत्र खाली था, त्वचा खुरदरी तथा बेजान मिली। दाहिने कंधे पर डॉट लगा था, लेकिन वहां रक्तस्राव नहीं पाया गया। इससे स्पष्ट है कि डार्ट बाघ की मृत्यु के बाद दिया गया था।वहीं दूसरी तरफ इस मामले में 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ऐसा बताया जा रहा है कि करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों की और गिरफ्तारी होना है।
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अंगों के सैंपल लैब भेजे
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि जबलपुर के SWFH सेंटर में दोबारा मृत बाघ का पीएम किया गया था। रिपोर्ट में विशेषज्ञों के अनुसार बाघ की मृत्यु कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर से हुई होगी। बीमारी, आंतरिक रोग, तनाव या विषाक्तता की संभावना जांचने के लिए अंगों के सैंपल मानक प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं।
बाघ रेस्क्यू में हंगामा करने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार
बाघ रेस्क्यू अभियान के दौरान वनकर्मियों से मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर पौड़िया निवासी बिट्टू उर्फ प्रेमलाल पाल, अमरपुर निवासी लक्ष्मण पाल, चंसुरा निवासी राधे पाल, पनपथा निवासी रवि तिवारी, कोठिया निवासी द्वारिका उर्फ अजय सिंह, पनपथा निवासी चंद्रशेखर जायसवाल और चंसुरा निवासी धरमू पाल को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। 24 मई को खेरवाटोला गांव में बाघ के हमले में एक महिला की मौत और तीन लोग घायल हुए थे। रेस्क्यू अभियान के दौरान भीड़ ने वन विभाग की टीम से मारपीट और हंगामा किया था।
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