25 हजार करोड़ के गंगा-वरुणा कॉरिडोर पर आज कैबिनेट का फैसला,बदलेगी वाराणसी की तस्वीर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की कैबिनेट बुधवार को वाराणसी के गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर पर फैसला ले सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों परियोजनाओं पर करीब 25 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनके बनने के बाद वाराणसी में ट्रैफिक कम होगा और लखनऊ, प्रयागराज व जौनपुर से आने वाले लोगों को बिना शहर के जाम में फंसे काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने में आसनी होगी।
46 किलोमीटर लंबा होगा गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर करीब 46 किलोमीटर लंबा होगा। यह छह लेन का एलिवेटेड रोड होगा, जो NH-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इस परियोजना पर करीब 12,600 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। कॉरिडोर बनने के बाद अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने का समय करीब 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा। इस सड़क पर वाहन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।
नमो घाट पर बनेगा डबल डेकर स्ट्रक्चर
इस परियोजना की सबसे खास बात नमो घाट पर बनने वाला डबल डेकर स्ट्रक्चर होगा। इसके ऊपर रेलवे ट्रैक और नीचे छह लेन का हाईवे बनाया जाएगा। इसके अलावा केबल स्टेड ब्रिज, व्यू प्वाइंट और दर्शक गैलरी भी बनाई जाएंगी। गंगा पार करने के लिए तीन पैदल झूला पुल बनाने की भी योजना है।
वरुणा कॉरिडोर से शहर का जाम होगा कम
वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर वरुणा नदी के किनारे बनाया जाएगा। इसका मकसद शहर के अंदर का ट्रैफिक रिंग रोड और नेशनल हाईवे की तरफ मोड़ना है, ताकि लोगों को जाम से राहत मिल सके। यह कॉरिडोर करीब 43.2 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 21.15 किलोमीटर हिस्सा फोरलेन और बाकी छह लेन का होगा। यह NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इस परियोजना पर करीब 11 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसमें कई फ्लाईओवर, रैंप और लिंक रोड भी बनाए जाएंगे।
2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
सूत्रों के अनुसार, वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद लखनऊ, प्रयागराज और जौनपुर से आने वाले लोगों को शहर के अंदर गए बिना सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
कई गांवों में चल रहा है भूमि अधिग्रहण
NHAI ने दोनों परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया है। गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 11 से ज्यादा गांवों और वरुणा कॉरिडोर के लिए वाराणसी सदर व पिंडरा तहसील के 41 से ज्यादा गांवों की जमीन ली जा रही है। जिन इलाकों में अधिग्रहण होना है, वहां जमीन की खरीद-बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद दोनों परियोजनाओं पर आगे की प्रक्रिया तेज होगी। इनके पूरा होने से वाराणसी में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पूर्वांचल के कई शहरों से काशी तक सफर पहले से आसान हो जाएगा।












