शाकंभरी सिद्धपीठ में जलप्रलय से हाहाकार!शिवालिक पहाड़ियों से उतरा पानी, दो महिलाओं की मौत
सहारनपुर जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी क्षेत्र में गुरूवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। शिवालिक पहाड़ियों में हुई तेज और बेमौसम बारिश के बाद पहाड़ों से निकला पानी शाकंभरी खोल में इतनी तेजी से उतरा कि पूरा इलाका कुछ ही मिनटों में जलप्रलय जैसा दिखने लगा। जहां कुछ समय पहले तक श्रद्धालु शांत माहौल में दर्शन और विश्राम कर रहे थे, वहीं अचानक तेज बहाव पानी ने दहशत में डाल दिया।
अचानक आई बाढ़ से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय जब अधिकतर श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद थे, तभी अचानक तेज पानी का सैलाब नीचे की ओर आया। पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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कुछ ही पलों में पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। चीख-पुकार और घबराहट का माहौल हर तरफ फैल गया। स्थानीय लोगों ने भी तुरंत आगे आकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने में मदद की।
कई वाहन पानी में बहे, भारी नुकसान
तेज बहाव का असर सबसे ज्यादा वाहनों पर पड़ा। ट्रैक्टर-ट्रॉली, मोटरसाइकिल, कारें और अन्य वाहन पानी की धारा में बह गए। कई वाहन तो देखते ही देखते बहाव में गायब हो गए। मंदिर के आसपास मौजूद प्रसाद की दुकानें और अस्थायी निर्माण भी पानी में बह गए। दुकानदारों का लाखों रुपए का सामान नष्ट हो गया। कई लोग अपने वाहन और सामान बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज पानी के सामने किसी की एक न चली।
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दो महिला श्रद्धालुओं की मौत
इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आकर दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे अचानक आए पानी से खुद को संभाल नहीं पाईं और बह गईं। घटना के बाद देर रात तक परिजनों और स्थानीय लोगों में मातम का माहौल रहा। सुबह जब हालात थोड़े सामान्य हुए, तब उनकी तलाश पूरी हुई और शव बरामद किए गए।
राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। उपजिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, तहसीलदार विजय कुमार, नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह और कोतवाली प्रभारी सूबे सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टीमों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। प्रभावित श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ा दी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे बारिश के मौसम में नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों के पास न जाएं, क्योंकि ऐसी जगहों पर अचानक पानी का बहाव जानलेवा साबित हो सकता है।
तूफान ने भी मचाई तबाही
इसी रात सहारनपुर के कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान ने भी भारी नुकसान पहुंचाया। रामपुर मनिहारान क्षेत्र में तेज हवा के कारण कई पेड़ गिर गए और बिजली के पोल टूट गए। इसके अलावा आंधी-तूफान ने आम और लीची के बागों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए और फसलें बर्बाद हो गईं।
प्रशासन की निगरानी
प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। प्रभावित इलाकों का सर्वे किया जा रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। राहत कार्यों को तेज करने के साथ-साथ बिजली बहाली और सड़क मार्गों को साफ करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि आने वाले दिनों में मौसम अस्थिर रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों, नालों और नदी किनारों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।













