बानापुरा स्टेशन पर रेल ठहराव की मांग तेज, सांसद दर्शन सिंह चौधरी को ज्ञापन; 2 अक्टूबर से आंदोलन की तैयारी

सिवनी मालवा। बानापुरा रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के ठहराव की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर आवाज तेज हो गई है। रविवार को सिवनी मालवा दौरे पर पहुंचे नर्मदापुरम-नरसिंहपुर सांसद दर्शन सिंह चौधरी से स्थानीय नागरिकों, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने मुलाकात कर रेल ठहराव की मांग का ज्ञापन सौंपा। स्थानीय रेस्ट हाउस में हुई इस मुलाकात के दौरान विधायक प्रेमशंकर वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन और भाजपा नेता संतोष पारीक भी मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने सांसद के सामने बानापुरा स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और क्षेत्र की रेल सुविधाओं से जुड़े मुद्दे रखे।
25 साल से नई ट्रेनों के ठहराव की मांग
स्थानीय नागरिकों और पत्रकार संघ का कहना है कि बानापुरा रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से किसी नई यात्री ट्रेन का नियमित ठहराव नहीं हुआ है। इसके कारण सिवनी मालवा और आसपास के क्षेत्र के लोगों को रेल यात्रा के लिए दूसरे स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है। ज्ञापन में कहा गया कि क्षेत्र के कई विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग भोपाल, नागपुर, जबलपुर, दिल्ली, पुणे, मुंबई, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे शहरों में आते-जाते हैं। सीधे और सुविधाजनक रेल विकल्प कम होने के कारण उन्हें अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने मांग की कि बानापुरा स्टेशन पर ऐसी ट्रेनों का ठहराव दिया जाए, जिनसे क्षेत्र के यात्रियों को प्रमुख शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिल सके।
कोरोना के दौरान बंद हुई ट्रेन फिर शुरू करने की मांग
स्थानीय लोगों ने कोरोना काल के दौरान बंद हुई भुसावल-नागपुर रेल सेवा को फिर से शुरू करने और उससे जुड़े ठहराव की व्यवस्था बहाल करने की मांग भी उठाई है। रेलवे रिकॉर्ड के अनुसार भुसावल-नागपुर इंटरसिटी सेवा मार्च 2020 में कोविड के दौरान रद्द हुई थी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस रेल सेवा के जरिए मरीज और अन्य यात्री नागपुर, भुसावल और जलगांव जैसे शहरों तक पहुंचते थे। सेवा और ठहराव से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध नहीं रहने से गंभीर बीमारी के इलाज के लिए जाने वाले लोगों सहित दूसरे यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
अमृत भारत स्टेशन बना, लेकिन रेल सुविधा पर सवाल
बानापुरा रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। केंद्र सरकार के संसदीय रिकॉर्ड में मध्यप्रदेश के अमृत भारत स्टेशनों की सूची में बानापुरा का नाम शामिल है। स्टेशन के विकास के लिए करीब 19.1 करोड़ रुपये की लागत का उल्लेख रेलवे से संबंधित सार्वजनिक दस्तावेजों में मिलता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन के आधुनिकीकरण के साथ यहां यात्री ट्रेनों का पर्याप्त ठहराव भी जरूरी है। उनका तर्क है कि बेहतर स्टेशन भवन और सुविधाओं के साथ यदि ट्रेनों का ठहराव नहीं बढ़ता है तो क्षेत्र की वास्तविक रेल जरूरत पूरी नहीं होगी।
सांसद ने प्रयास जारी रहने की बात कही
ज्ञापन लेने के दौरान सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि बानापुरा में रेल ठहराव के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रेल मंत्रालय को पत्र भेजा जा चुका है और स्थानीय लोगों का ज्ञापन भी प्राप्त हुआ है। हालांकि मौजूद लोगों की ओर से जब यह पूछा गया कि बानापुरा में ट्रेनों का ठहराव आखिर कब तक शुरू होगा, तो बैठक में इसकी कोई निश्चित समय-सीमा सामने नहीं आई। इसी वजह से ज्ञापन देने पहुंचे लोगों में असंतोष देखा गया। इससे पहले भी सांसद की ओर से बानापुरा में कामायनी एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस और कुशीनगर एक्सप्रेस के ठहराव का सुझाव रेलवे के सामने रखने की जानकारी सार्वजनिक हुई है।
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जनप्रतिनिधियों और पत्रकार संघ ने उठाई मांग
स्थानीय पत्रकारों और नागरिकों का कहना है कि बानापुरा में रेल ठहराव का मुद्दा लंबे समय से विभिन्न मंचों पर उठता रहा है। अलग-अलग सामाजिक और नागरिक संगठनों की ओर से भी समय-समय पर ज्ञापन दिए जाते रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब जबकि केंद्र और राज्य स्तर पर लगातार रेल एवं स्टेशन विकास को लेकर काम किया जा रहा है, बानापुरा को भी बेहतर यात्री सुविधा मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि क्षेत्र की आबादी और यात्रियों की जरूरत को देखते हुए प्रमुख ट्रेनों के ठहराव पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
2 अक्टूबर से धरने के साथ आंदोलन की तैयारी
ज्ञापन के बाद स्थानीय लोगों और पत्रकार संघ ने रेल ठहराव की मांग को लेकर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 से गांधी प्रतिमा के सामने धरना देकर आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में मौन धरना और काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद मांग पूरी होने तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन आगे बढ़ाने की बात कही गई है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य रेल ठहराव की मांग को केंद्र और रेलवे प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। उनका कहना है कि सिर्फ आश्वासन के बजाय ठोस निर्णय और समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है।
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बानापुरा में बढ़ी रेल सुविधा की मांग
बानापुरा स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किए जाने के बाद स्थानीय लोगों की उम्मीदें रेल सुविधाओं को लेकर और बढ़ी हैं। स्टेशन के विकास के साथ यात्रियों के लिए नियमित और उपयोगी ट्रेन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की मांग अब आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। अब स्थानीय लोगों की नजर रेलवे और जनप्रतिनिधियों की अगली कार्रवाई पर है। आने वाले दिनों में यदि रेल ठहराव को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आता है, तो 2 अक्टूबर से प्रस्तावित आंदोलन आगे बढ़ सकता है।




















