बालाघाट : चावल घोटाले में SIT का शिकंजा और कसा, पूर्व मंत्री का भतीजा अविनाश कावरे गिरफ्तार

बालाघाट। एथेनॉल कंपनी की आड़ में सरकारी चावल की कथित अफरातफरी और मुनाफाखोरी के बहुचर्चित मामले में विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के राइस मिलर्स की कथित सांठगांठ तथा एथेनॉल कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच के बीच अब मामले में नया मोड़ आ गया है। SIT ने पूर्व मंत्री एवं भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे को गिरफ्तार कर वारासिवनी न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया।
हर्ष इंडस्ट्री की जांच के बाद बढ़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, SIT ने कुछ दिन पहले पूर्व मंत्री के भाई से जुड़ी हर्ष इंडस्ट्री में जांच कर बड़ी संख्या में खाली बोरे और ट्रकों को जब्त किया था। इसी फर्म के भागीदार एवं पूर्व मंत्री के करीबी बताए जा रहे विनोद शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर पूछताछ की जा चुकी है। अब अविनाश कावरे की गिरफ्तारी को जांच का अहम कदम माना जा रहा है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं और मामले की नई कड़ियां जुड़ सकती हैं।
विपक्ष के निशाने पर जांच, बड़े खुलासों की उम्मीद
इस बहुचर्चित प्रकरण को लेकर जहां एक ओर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, वहीं कांग्रेस भी भाजपा पर निशाना साधते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि हर्ष इंडस्ट्री से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
फर्म के अन्य लोगों की भी होगी जांच
सूत्रों के अनुसार जांच की आंच फर्म के मुनीम और अन्य संबंधित लोगों तक भी पहुंच सकती है, जिनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि SIT ने अभी तक किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। जांच एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर की जा रही है। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे की जांच में और किन लोगों की भूमिका सामने आती है तथा इस बहुचर्चित चावल घोटाले में SIT की अगली कार्रवाई किस पर होती है।












