बालाघाट: किरनापुर थाने का घेराव, प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

बालाघाट। किरनापुर में पुलिस हिरासत के दौरान गर्भवती महिला और उसके पति से कथित मारपीट के विरोध में मंगलवार को मरार माली समाज का प्रदर्शन उग्र हो गया। जिले के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में समाज के लोग किरनापुर पहुंचे। उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में धरना देने के बाद समाजजनों ने रैली निकाली। रैली जब किरनापुर थाना परिसर पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव कर दिया। इसी दौरान भीड़ के एक हिस्से ने थाने के मुख्य द्वार से अंदर जाने की कोशिश की और पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और इसके बाद लाठीचार्ज कर भीड़ को पीछे हटाया। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
चोरी के मामले में दंपती को थाने लाने का आरोप
मरार माली समाज के जिला अध्यक्ष रमेश पंचे के मुताबिक, मुंडेसरा पंचायत के टिमकीटोला निवासी कैलाश चौधरी और उनकी गर्भवती पत्नी सावित्री चौधरी को 2 सितंबर को चोरी के एक मामले में संदेह के आधार पर पुलिस थाने लेकर गई थी।
समाज का आरोप है कि पूछताछ के दौरान दोनों के साथ मारपीट की गई। सावित्री ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर भी मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। समाज प्रतिनिधियों का दावा है कि महिला के शरीर पर चोट के निशान हैं। समाज की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की जा रही है।
चार पुलिसकर्मी पहले ही निलंबित
मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने उपनिरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को निलंबित कर दिया था। मामले की जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच दल भी गठित किया गया है। हालांकि समाज का कहना है कि जांच पुलिस विभाग के स्तर पर होने के कारण उसे इसकी निष्पक्षता पर भरोसा नहीं है।
पथराव के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
धरने के बाद रैली शहीद लिखीराम कावरे चौक और किरनापुर बाजार से होते हुए थाने पहुंची थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ने के बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब पथराव और उपद्रव करने वालों की पहचान कर रही है। घटना के बाद थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




















