बाड़ी : हनुमान मंदिर तोड़ने के विरोध में नेशनल हाईवे जाम, 2 घंटे तक रुका आवागमन

बाड़ी (रायसेन)। ग्राम दिगवाड़ में बाड़ी से बुधनी तक बन रहे नेशनल हाईवे के निर्माण के दौरान ग्राम दिगवाड़ स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर को हटाने के विरोध में सोमवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया गया। सैकड़ों की संख्या में आसपास के ग्रामीण, साधु-संत, जनप्रतिनिधि और सरपंच सड़क पर बैठ गए।
आस्था का प्रमुख केंद्र है प्राचीन हनुमान मंदिर
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां वर्षों से अखंड धूनी जल रही है। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उनका कहना है कि मोनी बाबा ने यहां तपस्या की थी। ग्रामीणों की मांग है कि मंदिर को नहीं तोड़ा जाए। सड़क का अलाइनमेंट थोड़ा बदलकर दूसरी ओर से निकाला जाए। उनका कहना है कि नक्शे में मामूली संशोधन कर मंदिर को सुरक्षित रखते हुए सड़क का निर्माण किया जा सकता है।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने तहसीलदार बाड़ी को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री, रायसेन कलेक्टर तथा संबंधित विभागों को भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे सड़क निर्माण के विरोध में नहीं हैं, बल्कि केवल मंदिर को सुरक्षित रखते हुए सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।
हाईवे निर्माण के बीच बढ़ा विवाद
बुधनी-बाड़ी-शाहगंज नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस दौरान कई मकानों और पेड़ों को हटाया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले प्रस्तावित नक्शे में सड़क मंदिर के आगे-पीछे से निकाली जानी थी, लेकिन अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी मंदिर को सड़क के बीच में बताते हुए उसे हटाने की बात कर रहे हैं।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों और धार्मिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि मंदिर को बचाने के लिए उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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