सनातन के अपमान का अरोप, सियासत तेज : भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा ‘राहुल गांधी, अखिलेश यादव मप्र आएंगे तो उनका मुंह काला किया जाएगा’

भोपाल। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद पप्पू यादव पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं की गतिविधियां सनातन पर उसी तरह का हमला हैं, जैसा इतिहास में बाबर और औरंगजेब के समय हुआ था।रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि भगवान राम के चित्र को जमीन पर रखकर और उसके साथ किए गए प्रदर्शन से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान शिव, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और गुरु नानक का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मंदिर में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई चल रही है
उन्होंने कहा कि मंदिरों में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है और कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि भगवान और सनातन पर टिप्पणी या उनका अपमान किया जाए।
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हिंदू समाज विरोध करेगा
भाजपा विधायक शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज इस तरह की घटनाओं का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी, अखिलेश यादव या पप्पू यादव मध्य प्रदेश आते हैं तो उनका काला मुंह किया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपने धर्म और आस्था की रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की।
कांग्रेस प्रवक्ता बोले, ‘रामेश्वर शर्मा को तब गुस्सा नहीं आया जब हनुमान जी का अपमान किया’
रामेश्वर शर्मा के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने कहा कि रामेश्वर शर्मा को तब गुस्सा नहीं आया था, जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने हनुमान जी का रूप धारण किए कलाकार से नृत्य कराया गया, तब भी उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई। जब चंदा चोरी का मामला सामने आया, तब भी उनकी ओर से एक शब्द नहीं निकला। लगातार कई घटनाएं होती रहीं, लेकिन वे मौन बने रहे।
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संसद में सवाल उठ रहे तो गुस्सा आ रहा
बरोलिया ने कहा कि आज जब संसद में उनकी पार्टी और सरकार से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठ रहे हैं और उनकी पोल खोली जा रही है, तब उन्हें अचानक बहुत गुस्सा आ रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकार को क्यों बे जैसे शब्दों का इस्तेमाल किसी पदाधिकारी या सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति के लिए करना लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। बरोलिया ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। जनता आज कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर नाराज है। बेहतर होगा कि बयानबाजी के बजाय जनता की समस्याओं पर ध्यान दिया जाए और उनके साथ खड़ा हुआ जाए।












