असम में बड़ा हमला:पुलिस के कमांडो कैंप को ULFA(I) ने बनाया निशाना, 4 जवान घायल

असम में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। तिनसुकिया जिले के जगुन इलाके में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन ULFA(I) ने पुलिस कमांडो कैंप को निशाना बनाते हुए हमला किया। इस हमले में चार जवान घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
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जगुन में कमांडो कैंप पर अचानक हमला
रविवार को हुए इस हमले ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया। जानकारी के अनुसार, उग्रवादियों ने तिनसुकिया के जगुन स्थित असम पुलिस कमांडो बटालियन कैंप को निशाना बनाते हुए रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से हमला किया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कैंप की ओर 4 से 5 RPG दागे, जिनमें से चार कैंप के अंदर फट गए। जोरदार धमाकों के साथ ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर तक गोलीबारी भी हुई।
चार जवान घायल, एक की हालत गंभीर
इस हमले में कम से कम चार कमांडो घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (AMCH) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूत्रों के अनुसार, एक जवान की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। तिनसुकिया के पुलिस अधीक्षक मयंक कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमला गंभीर था और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
हमले के बाद इलाके में हाई अलर्ट
हमले की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। तिनसुकिया पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने मिलकर पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। कमांडो कैंप के आसपास के क्षेत्रों को सील कर दिया गया है, ताकि हमलावरों को भागने का मौका न मिल सके। साथ ही, संयुक्त ऑपरेशन चलाकर उग्रवादियों की तलाश की जा रही है।
अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हुए हमलावर
हमले के बाद उग्रवादी मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने अंधेरे का फायदा उठाया और जंगलों की ओर भाग निकले। सुरक्षा बलों को शक है कि हमलावर इलाके की भौगोलिक स्थिति से अच्छी तरह परिचित थे, जिसके चलते वे आसानी से बच निकलने में सफल रहे।
चुनाव से पहले दहशत फैलाने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि असम विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह का हमला करना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। ULFA(I) जैसे संगठनों द्वारा चुनावी माहौल में अशांति फैलाने और अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए इस तरह की घटनाएं अंजाम दी जाती रही हैं। कमांडो कैंप को निशाना बनाना यह संकेत देता है कि उग्रवादी सुरक्षा बलों को सीधे चुनौती देना चाहते हैं और राज्य में डर का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और कड़े इंतजाम
घटना के बाद राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। चुनाव को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए जा रहे हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।












