1 अप्रैल से हाईवे पर सफर महंगा होना तय है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी तय नियमों के तहत की गई है, लेकिन लोगों की मांग है कि टोल के साथ-साथ सड़कों की हालत भी बेहतर की जाए।
इस बढ़ोतरी का असर खासतौर पर जबलपुर से नागपुर, रायपुर, प्रयागराज और भोपाल जैसे रूट्स पर देखने को मिलेगा। अब हर टोल प्लाजा पर गाड़ियों को पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे। कार चालकों को हर टोल पर करीब 5 से 10 रुपए ज्यादा देने पड़ सकते हैं, जिससे लंबी दूरी का सफर और महंगा हो जाएगा।
ये भी पढ़ें: UP को मिला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट! PM मोदी ने फ्लैश लाइट से किया उद्घाटन
अब आपको समझाते है कि टोल टैक्स कैसे तय होता है, टोल टैक्स की दरें सीधे तौर पर होलसेल प्राइस इंडेक्स यानी Wholesale Price Index (WPI) पर निर्भर करती हैं। हर साल इसके आधार पर नई दरें तय की जाती हैं। इसके अलावा सड़क की क्वालिटी, लंबाई और सुविधाएं जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास और टनल भी टोल की कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। जितनी ज्यादा सुविधाएं, उतना ज्यादा टोल।
ये भी पढ़ें: MP में बदलाव की तैयारी! सरकारी नौकरी में दो से ज्यादा बच्चे वालों को भी मौका
FASTag के सालाना पास की कीमत भी बढ़ाई गई है। अब 3 हजार रुपए वाला पास 3 हजार 075 रुपए में मिलेगा। इसमें 200 टोल क्रॉस करने की लिमिट होती है। हालांकि, इस बढ़ोतरी से लोग खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि सड़कें ठीक से मेंटेन नहीं हो रहीं, लेकिन हर साल टोल टैक्स बढ़ाया जा रहा है। कई जगह सड़कें खराब हैं या काम अधूरा है, फिर भी पूरा पैसा लिया जा रहा है।