लखनऊ अग्निकांड:अनूपपुर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत, तीन साल से गेमिंग कंपनी में कर रहे थे काम

अनूपपुर। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार लखनऊ के लिए रवाना हो गया था। रास्ते में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पार्थिव शरीर घर भेजे जाने की जानकारी दी गई। जयनील की असमय मृत्यु से परिजन, रिश्तेदार और नगरवासी गहरे सदमे में हैं।
अलीगंज में दोपहर को हुआ भीषण अग्निकांड
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे इमारत की निचली मंजिल पर आग लगी, जिसने देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि कई लोग इसकी जद में आ गए। रात में जारी मृतकों की सूची में जयनील चक्रवर्ती का नाम सामने आया।
सूचना मिलते ही लखनऊ के लिए निकला परिवार
हादसे की खबर मिलते ही माता दुर्गा चक्रवर्ती, पिता जयंत चक्रवर्ती और छोटा भाई समेत पूरा परिवार शाम 6 बजे लखनऊ के लिए रवाना हुआ। परिवार लगातार जयनील की जानकारी जुटाने का प्रयास करता रहा। रास्ते में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सूचना मिली। इसके बाद उनकी यात्रा की दिशा बदल गई।
इलाहाबाद में रुक गया परिवार
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से परिवार को बताया गया कि उनके पुत्र का पार्थिव शरीर सुरक्षित उनके घर पहुंचाया जा रहा है। इस सूचना के बाद परिवार इलाहाबाद में ही रुक गया। परिजन लगातार प्रशासन के संपर्क में बने रहे। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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तीन साल से इसी इमारत में कर रहे थे नौकरी
जयनील एक गेम सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और पिछले तीन साल से उसी इमारत में संचालित एक कंपनी में कार्यरत थे, जहां यह अग्निकांड हुआ। वह अविवाहित थे और अपने करियर को लेकर काफी गंभीर थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय जमुना कोतमा में हुई थी। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बाहर का रुख किया था।
अंतिम दर्शन के इंतजार में परिजन
जयनील की इस अचानक मृत्यु से स्थानीय नगरवासी और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। प्रशासनिक सहयोग से जयनील का पार्थिव शरीर मंगलवार देर शाम तक भालूमाड़ा पहुंचने की संभावना है। इसके बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।












