इटारसी में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई: 212 किलो संदिग्ध घी बरामद, 5 सैंपल लिए

इटारसी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ विशेष जांच अभियान के तहत चावल लाइन स्थित दो प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। टीम ने 'ब्रजवासी घी' और 'डेयरी बेस्ट घी' के 05 सैंपल लिए और 212 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त कर सील कर दिया। नमूनों को खाद्य आयुक्त के निर्देश पर 'हैंड-टू-हैंड' राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट में मिलावट मिलने पर संबंधित निर्माता कंपनी को भी मामले में पार्टी बनाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
चावल लाइन में दबिश, 212 किलो घी जब्त
इसी कड़ी में शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इटारसी के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बी.एस. धाकड़ और कमलेश एस. दियावार की संयुक्त टीम ने चावल लाइन स्थित मेसर्स श्री नारायण गौरीशंकर माहेश्वरी और बड़कुल ब्रदर्स के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान बिक्री के लिए रखे 'ब्रजवासी घी' और 'डेयरी बेस्ट घी' की शुद्धता पर शक हुआ। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घी के 05 सैंपल लिए और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 212 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त कर सील कर दिया।
हैंड-टू-हैंड भेजी गई रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश एस. दियावार ने बताया कि सामान्यतः सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में 14 दिन का समय लगता है, लेकिन खाद्य आयुक्त के विशेष निर्देशों के तहत इन नमूनों को 'हैंड-टू-हैंड' राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की मिलावट या गड़बड़ी की पुष्टि होते ही संबंधित निर्माता कंपनी को भी मामले में पार्टी बनाया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई पर उठे सवाल
विभाग की इस कार्रवाई ने जहां एक ओर मिलावटखोरों में हड़कंप मचाया है, वहीं दूसरी ओर आम जनता और बुद्धिजीवियों के मन में गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहा है कि कार्रवाई महज कुछ चुनिंदा दुकानों तक ही सीमित क्यों है। इटारसी के जयस्तंभ चौक सहित पूरे शहर में दर्जनों ऐसे बड़े प्रतिष्ठान हैं, जहां त्योहारों के सीजन में टन के हिसाब से दुग्ध उत्पादों का निर्माण और खुलेआम बिक्री होती है। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर है कि विभाग की यह मुहिम महज 'खानापूर्ति' और औपचारिक आंकड़े जुटाने तक सीमित रहेगी या शहर के अन्य बड़े मिलावटखोरों पर भी कानून का शिकंजा कसेगा।












