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ऑस्ट्रेलिया में नौकरी का झांसा:वीजा के नाम पर 7.21 लाख की साइबर ठगी

ऑस्ट्रेलिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी और वर्क वीजा का झांसा देकर ठगों ने पीड़ित से ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट कराया। हेल्थ इंश्योरेंस, अतिरिक्त बीमा और वीजा शुल्क के नाम पर रेजरपे लिंक भेजकर 7.21 लाख रुपए अलग-अलग किश्तों में जमा करा लिए। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
ऑस्ट्रेलिया में नौकरी का झांसा:वीजा के नाम पर 7.21 लाख की साइबर ठगी
प्रतीकात्मक चित्र

इंदौर। विदेश में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने इंदौर के एक व्यक्ति को 7.21 लाख रुपए का चूना लगा दिया। आरोपियों ने खुद को ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी का मैनेजर और डायरेक्टर बताकर पीड़ित से संपर्क किया। इसके बाद ऑनलाइन इंटरव्यू और गूगल मीट के जरिए नौकरी की प्रक्रिया पूरी कराई गई। विश्वास में लेने के बाद हेल्थ इंश्योरेंस, अतिरिक्त बीमा और वीजा शुल्क सहित अलग-अलग बहानों से रकम वसूलते रहे। पीड़ित की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ठगी की रकम जिस बैंक खाते में पहुंची, उसे फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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विदेशी कंपनी के नाम पर दिया नौकरी का ऑफर

शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ लोगों ने उससे संपर्क कर अपना परिचय ‘इंच टेक्नोलॉजीज’ कंपनी के मैनेजर सुमित और डायरेक्टर माइकल के रूप में दिया। आरोपियों ने ऑस्ट्रेलिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी दिलाने का आकर्षक प्रस्ताव रखा। साथ ही वर्क वीजा की व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया कराई और नौकरी से संबंधित कथित कॉन्ट्रैक्ट भी भेजा। पूरी प्रक्रिया को वास्तविक दिखाने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे मांगना शुरू कर दिया।

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कभी इंश्योरेंस तो कभी वीजा फीस के नाम पर वसूली

ठगों ने पहले हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर रकम मांगी। इसके बाद अतिरिक्त इंश्योरेंस और वीजा शुल्क सहित अलग-अलग मदों का हवाला देकर भुगतान करने के लिए कहा गया। आरोपियों ने पीड़ित को रेजरपे के पेमेंट लिंक भेजे और इनके जरिए राशि जमा कराई गई। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने 5 दिसंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 7 लाख 21 हजार रुपए आरोपियों द्वारा बताए गए लिंक के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। रकम देने के बाद भी जब नौकरी और वीजा की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ।

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खाते फ्रीज कराने की कवायद, आरोपियों की तलाश

शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन पेमेंट लिंक की जानकारी जुटा रही है। जिस खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है, उसे फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इसी तरह और कितने लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर अपना शिकार बनाया है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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