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जबलपुर :राहुल गांधी को राहत मिलेगी या नहीं? 24 जून को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई

मामले की सुनवाई जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई। मंगलवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम राहत के प्रश्न पर बुधवार को विस्तृत सुनवाई करने का निर्णय लिया।
राहुल गांधी को राहत मिलेगी या नहीं? 24 जून को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई

भोपाल। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की पुनरीक्षण याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अब 24 जून को सुनवाई होगी। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले में अंतरिम राहत के मुद्दे पर बुधवार को सुनवाई के निर्देश दिए हैं। राहुल गांधी ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती दी है। ऐसे में अब उनकी नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है। यदि उन्हें अंतरिम राहत मिल जाती है तो भोपाल की अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से राहत मिल सकती है, अन्यथा उन्हें 25 जून को कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा।

अंतरिम राहत पर टिकी निगाहें

मामले की सुनवाई जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई। मंगलवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम राहत के प्रश्न पर बुधवार को विस्तृत सुनवाई करने का निर्णय लिया। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता और अधिवक्ता राजीव मिश्रा ने पैरवी की, जबकि शिकायतकर्ता कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर ने पक्ष रखा।

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क्या है पूरा मामला?

राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि का मामला कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर किया है। शिकायत के अनुसार वर्ष 2018 में झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लेते हुए पनामा पेपर्स मामले को लेकर टिप्पणी की थी।

राहुल ने अपने भाषण में कहा था कि पाकिस्तान में पनामा पेपर्स लीक मामले में नाम आने पर नवाज शरीफ को जेल भेज दिया जाता है, जबकि मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम सामने आने के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह बयान तथ्यहीन और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला था।

2024 में जारी हुआ था समन

मामले की सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट के तत्कालीन विशेष मजिस्ट्रेट तथागत याज्ञनिक ने 13 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था। अदालत ने उन्हें 25 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश को राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दायर की है।

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आज का फैसला तय करेगा अगला कदम

अब पूरे मामले में बुधवार को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि हाईकोर्ट राहुल गांधी को अंतरिम राहत देते हुए समन पर रोक लगा देता है तो उनकी भोपाल कोर्ट में पेशी टल सकती है। वहीं राहत नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें 25 जून को एमपी-एमएलए कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से इस मामले पर सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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