उद्योगपति अनिल अंबानी की कानूनन मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहले ED के द्वारा मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित ‘अबोड’ घर को एंटी मनी लॉंड्रिंग कानून के तहत जब्त किया गया और अब CBI के द्वारा 2220 करोड़ रूपए लोन राशि के बैंक फ्रॉड मामले में नया केस दर्ज किया गया है।
CBI ने बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया है। बैंक का दावा है कि 2013 से 2017 के बीच रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) द्वारा लिए गए लोन राशि का इस्तेमाल शर्तों के अनुरूप नहीं किया गया, जिससे बैंक को 2,220 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान ।
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शिकायत में आरोप है कि RCOM और उससे जुड़ी कंपनियों ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कुल 31,580 करोड़ रुपये का लोन लिया। फंड्स के बड़े हिस्से का उपयोग अन्य बैंकों के कर्ज चुकाने, अन्य पक्षों को भुगतान करने और अस्थायी निवेश के रूप में किया गया। जांच में फंड के अनधिकृत उपयोग और दुरुपयोग के संकेत भी मिले हैं।
5 जून 2017 को इस अकाउंट को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित किया गया था। हालांकि बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर इस पर रोक लगा दी गई। 23 फरवरी को स्टे हटाने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने शिकायत दर्ज कराई जिस पर CBI ने जांच शुरू कर दी है।
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अनिल अंबानी और उनकी कंपनी पर CBI का यह केस तब हुआ है जब उन पर ₹40,000 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच ED के द्वारा चलाई जा रही है।