भारत और इसराइल के बीच संबंध तेजी से अच्छे हो रहे। हाल ही में देश के प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय इसराइली दौरे से लौटे हैं। इस दौरान पीएम ने देश हित से संबंधित करीब 27 बड़े एमओयू दोनों देशों के बीच साइन किए। जिससे आपसी परस्पर सहयोग से अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत अपने आप में एक विश्वशक्ति के रूप में लगातार अपनी छाप छोड़ता रहे। इन 27 बड़े घोषणाओं में जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन, संस्कृति, डिजिटल पेमेंट, कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फाइनेंशियल रेगुलेशन, फिशरीज, शिक्षा, लेबर मोबिलिटी, आर्बिट्रेशन, एकेडेमिया और साइबर सिक्योरिटी में सहयोग जैसे बड़े समझौते शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने पीएम के दो दिवसीय विदेशी यात्रा के बाद एक बयान जारी किया है। जिसके मुताबिक, दोनों देशों के बीच 17 एग्रीमेंट और 10 खास घोषणाएं आपस में की गई हैं। जिनका खास मकसद स्ट्रेटेजिक और लोगों के हित में केंद्रित है। इस समझौते के साथ ही भारत और इसराइल के बीच के पार्टनरशिप को तेजी से बढ़ाया जाना तय है। इस पूरे साइन किए गए एग्रीमेंट में जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन में आपसी सहयोग पर एक MoU भी शामिल था, ताकि एडवांस्ड जियोफिजिकल और AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर मिनरल एक्सप्लोरेशन को बढ़ावा दिया जा सके। साथ ही डेटा शेयरिंग, इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करना और सस्टेनेबल रिसोर्स डेवलपमेंट को पक्का करना ये सब एमओयू के अंतर्गत तय किए गए हैं।
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MOU के अंतर्गत गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) पर सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई। जिससे एग्जिबिशन, रिसर्च, पब्लिकेशन और एक्सपर्टीज़ के एक्सचेंज के जरिए समुद्री विरासत (maritime heritage) को और आगे बढ़ाया जा सके। फेस्टिवल, वर्कशॉप और एक्सपर्ट एक्सचेंज के माध्यम से म्यूजिक, थिएटर, विज़ुअल आर्ट्स, डांस और दूसरे क्रिएटिव फील्ड के जुड़ाव को और मजबूत किया जा सके। इसी मकसद से साल 2026 से 2029 दोनों देशों के बीच कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम पर साइन किए गए हैं।
AI के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच MOU साइन किए गए। जिससे पावर्ड, ह्यूमन-सेंटर्ड लर्निंग, टीचर डेवलपमेंट, इक्विटेबल एक्सेस और रिसर्च एक्सचेंज को बढ़ावा मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एजुकेशन को आगे ले जाना भारत और इसराइल का एक मात्र उद्देश्य है। इसके अलावा नालंदा यूनिवर्सिटी और जेरूसलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी के बीच भी MoU साइन किए गए। जिससे बौद्ध स्टडीज़, आर्कियोलॉजी, मैथेमेटिक्स और इंटरनेशनल रिलेशन्स जैसे सब्जेक्ट्स में फैकल्टी और स्टूडेंट एक्सचेंज के लिए एकेडमिक कोऑपरेशन को बढ़ावा मिल सके।
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साइबर सिक्योरिटी के बेस्ट तरीकों और डिजिटल रेजिलिएंस को आगे बढ़ाने के लिए भारत में इंडो-इजराइल साइबर सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस बनाने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर भी साइन किए गया है। वहीं, एथिकल AI डेवलपमेंट, सिविलियन एप्लीकेशन, एकेडमिक रिसर्च और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोऑपरेशन पर भी MoU साइन किए गए हैं।