प्री-बोर्ड रिजल्ट का एनालिसिस और बोर्ड के सैंपल पेपर से करें तैयारी

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं-12वीं के छात्रों के लिए टेलीफोनिक काउंसलिंग शुरू कर दी है जो कि 15 फरवरी तक जारी रहेगी। इसमें छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा के तनाव से निपटने के लिए उपकरणों और तकनीकों से लैस करने के उद्देश्य से मनोवैज्ञानिक परामर्श दिया जा रहा है। सीबीएसई की 12 वीं की परीक्षा 15 फरवरी और 10 वीं की परीक्षा 19 फरवरी से शुरू होगी और फिलहाल स्कूल्स में प्री-बोर्ड एग्जाम चल रहे हैं। स्टूडेंट्स की तैयारी को सही दिशा देने के लिए बोर्ड द्वारा एकेडमिक वेबसाइट पर सैंपल पेपर और पिछले सालों के पेपर अपलोड किए गए हैं। स्कूल्स में प्री-बोर्ड चल रहे हैं ताकि स्टूडेंट्स फुल लेंथ पेपर दे सकें। कई स्कूल्स दो प्री-बोर्ड करा रहे हैं ताकि स्टूडेंट्स का कॉन्फिडेंस बूस्ट हो सकें और वो फाइनल एग्जाम में स्पीड और एक्यूरेसी के साथ पेपर हल कर सकें। प्री-बोर्ड के माध्यम से स्कूल स्टूडेंट्स को उनकी कमियां बता रहे हैं।
सीबीएसई ने जारी किए सैंपल पेपर
सीबीएसई एकेडमिक की वेबसाइट पर सैंपल क्वेश्चन पेपर जारी किए गए हैं जिसमें साल 2015 से लेकर 2024 तक के लिए पेपर प्रैक्टिस के लिए उपलब्ध हैं। इसके अलावा क्वेश्चन बैंक भी जारी किया गया है, जिसकी स्टूडेंट्स मदद ले सकते हैं। इसके अलावा पीएम मोदी द्वारा परीक्षा पर चर्चा का आयोजन भी 29 जनवरी को किया गया जिसमें वे परीक्षा को लेकर होने वाले तनाव और उसके निदानों पर बात करेंगे। इसके अलावा स्टूडेंट्स चाहे तो सीबीएसई की साइकॉलोजिकल काउंसलिंग की मदद ले सकते हैं। -डॉ. राजेश शर्मा, प्रिंसिपल
साइकॉलोजिकल काउंसलिंग हुई शुरू
सीबीएसई के अनुसार, मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवाओं को बोर्ड के आउटरीच कार्यक्रम के हिस्से के रूप में डिजाइन किया गया है जो विभिन्न छात्रों और अभिभावकों की मदद करती है। छात्रों को परीक्षा संबंधी चिंता से उबरने में हम मदद करते हैं। सीबीएसई ने टोल फ्री नंबर 1800118004 पर आईवीआरएस की सुविधा शुरू की है। -डॉ. शिखा रस्तोगी, सीबीएसई काउंसलर
अभी भी तैयारी का पर्याप्त समय बचा है
इस बार पेपर के बीच में ठीक अंतराल रखा गया है। पहले ऐसा होता था कि किसी पेपर के बीच में एक दिन का ही गैप रहता था लेकिन इस बार सभी पेपर में गैप रखा गया है जिसका फायदा स्टूडेंट्स रिवीजन करने में उठा सकते हैं। इसके अलावा किसी तरह की समस्या होने पर सीबीएसई हेल्पलाइन के माध्यम से गाइडेंस ले सकते हैं। स्टूडेंट्स के 20 अंकों के इंटरनल एग्जाम पहले ही स्कूल में हो चुके हैं और अब उन्हें बोर्ड की तरफ से आने वाले पेपर में 80 अंक का पेपर देना है। यदि अभी तक तैयारी मजबूती से नहीं की है तो भी पर्याप्त समय है। नोट्स बनाकर व अपने टीचर से गाइडेंस लेकर तैयारी करें। इस बार से ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों की संख्या भी बढ़ी है और कॉन्सेप्ट बेस्ड सवाल आएंगे। साथ ही दसवीं का सिलेबस भी शुरुआत में ही कम कर दिया गया था। - शैलेष झोपे, प्रिंसिपल





















