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पिटबुल-रॉटवीलर जैसे नस्ल के कुत्ते पाले तो होगी कार्रवाई

इंसानों के लिए खतरनाक कुत्तों की नस्लों पर बैन लगाएगी सरकार
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पिटबुल-रॉटवीलर जैसे नस्ल के कुत्ते पाले तो होगी कार्रवाई

नई दिल्ली। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में खतरनाक कुत्तों का हमला बढ़ गया है। इस बीच केंद्र सरकार खतरनाक कुत्ते पालने पर एक्शन के मोड में है। अब केंद्र सरकार ने ऐसे खतरनाक कुत्तों, जिनमें पिटबुल, रॉटवीलर, टेरियर, वोल्फ डॉग और मैस्टिफ्स शामिल हैं, इनके आयात, ब्रीडिंग और खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए राज्यों को कहा है। केंद्र ने इन प्रजाति के कुत्तों की मिक्स्ड और क्रूसब्रीड पर भी प्रतिबंध की बात की है। केंद्र सरकार के पशुपालन मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर कहा है कि वो अपने यहां स्थानीय निकायों से बात कर इस प्रतिबंध को लागू करवाएं। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद विशेषज्ञों की कमेटी के सुझावों के आधार पर ये फैसला लिया है।

कोर्ट ने दिया था केंद्र को आदेश : इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वो 3 महीने के भीतर सभी स्टेकहोल्डर्स से बात कर फैसला लें। जिन लोगों के पास पहले से इन प्रजाति के कुत्ते हैं, उनको भी स्टेरिलाइजिंग करने पर जोर दिया गया है, ताकि वो ब्रीडिंग ना कर सकें। जिन प्रजातियों को प्रतिबंध करने की बात की गई है, उनमें करीब दो दर्जन खतरनाक प्रजाति शामिल हैं।

तेजी से बढ़ा बाजार: 8 साल में 21 हजार करोड़ पहुंचेगा

देश में कुत्तों से जुड़ा बाजार करोड़ों का है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में साल 2021 तक पेट केयर का बाजार 7400 करोड़ रुपए का था। इस बाजार के साल 2032 तक 21 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत में विदेशी नस्ल के कुत्तों का बाजार लगातार बढ़ रहा है। बता दें, एक ठीक-ठाक ब्रीड का कुत्ते कम से कम 20 से 30 हजार रुपए तक में मिलेगा। वहीं कुत्ता खरीदते समय आपको पेट शॉप द्वारा कई चीजें बेची जाती हैं। कुत्तों के लिए लिटर सैंड 500 से 600 रुपए, टॉनिक और मल्टी विटामिन कैप्सूल 700 से एक हजार रुपए तक मिलता है।

स्थानीय निकाय जारी नहीं करेंगे लाइसेंस

केंद्रीय पशुपालन और डेयरी विभाग ने खतरनाक कुत्तों की बिक्री और प्रजनन के लिए कोई लाइसेंस या परमिट नहीं जारी करने की गुजारिश की है। सरकार ने राज्यों से राज्य पशु कल्याण बोर्डों द्वारा पशु क्रूरता निवारण (कुत्ते प्रजनन और विपणन) नियम 2017 और पशु क्रूरता निवारण (पालतू जानवर की दुकान) नियम 2018 का इम्प्लीमेंटेशन सुनिश्तित करने के लिए भी कहा है।

कुत्तों की इन नस्लों पर लगेगा बैन

पहचानी गई नस्लों (मिश्रित और क्रॉस) में पिटबुल, टेरियर, टोसा इनु, अमेरिकन स्टैफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलीरो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोसबोएल, कांगल, मध्य एशियाई शेफर्ड डॉग, कोकेशियान शेफर्ड डॉग, दक्षिण रूसी शेफर्ड डॉग और टॉर्नजैक शामिल हैं। इसके साथ ही सरप्लैनिनैक, जापानी टोसा और अकिता, मास्टिफ्स, रॉटवीलर, टेरियर्स, रोडेशियन रिजबैक, वुल्फ डॉग्स, कैनारियो, अकबाश, मॉस्को गार्ड, केन कोरसो और बैंडोग नाम के कुत्ते भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगे।

People's Reporter
By People's Reporter

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