Twisha Sharma Death Case: जेल पहुंचते ही बदली तस्वीर! जेल में आरोपी मां-बेटे को अलग व्यवस्था, VIP ट्रीटमेंट के आरोप

भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरफ्तार आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां, पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह, इन दिनों भोपाल सेंट्रल जेल में हैं। CBI की पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जेल में प्रवेश के बाद दोनों को सामान्य प्रक्रिया के तहत कैदी नंबर दिए गए और अलग स्थानों पर रखा गया। कुछ ही समय बाद दोनों को मेडिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इस फैसले के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। एक तरफ जेल प्रशासन इसे नियमों के अनुसार उठाया गया कदम बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
सामान्य कैदियों जैसी रही दिनचर्या
जेल पहुंचने के बाद दोनों आरोपियों का पहला दिन अन्य बंदियों की तरह ही बीता। उन्हें जेल के निर्धारित भोजन के अनुसार कढ़ी, पकौड़े और रोटियां दी गईं। अगले दिन सुबह नाश्ते में नमकीन दलिया और चाय दी गई। जेल प्रशासन के अनुसार दोनों ने वही भोजन लिया जो अन्य कैदियों को दिया जाता है। शुरुआत में दोनों के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं की गई थी। उन्हें जेल नियमों के अनुसार जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया गया, जिसमें थाली, कटोरी और चादर शामिल हैं।
मेडिकल वार्ड में क्यों भेजे गए दोनों आरोपी?
जेल प्रशासन के अनुसार गिरिबाला सिंह को महिला विंग के चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। इसकी वजह उनकी सुरक्षा को बताया गया है। वहीं समर्थ सिंह को पैर में चोट की शिकायत के कारण मेडिकल वार्ड में रखा गया है। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा था कि मीडिया की भीड़ के बीच समर्थ सिंह को चोट लगी थी, जिसके कारण उन्हें चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत है। इसी आधार पर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
पूर्व जज ने जताई थी सुरक्षा की चिंता
गिरिबाला सिंह ने अदालत में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि उन्होंने अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान कई मामलों में फैसले सुनाए थे और भोपाल सेंट्रल जेल में ऐसे कुछ कैदी भी बंद हैं जिन्हें उन्होंने सजा सुनाई थी। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि जेल में उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। अदालत ने इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही थी। इसी के बाद उन्हें सामान्य बैरक के बजाय मेडिकल खंड में रखा गया।
मेडिकल जांच में स्वस्थ मिलीं गिरिबाला
जेल प्रशासन के अनुसार गिरिबाला सिंह की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें वे पूरी तरह स्वस्थ पाई गईं। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है और वे किसी नियमित दवा का सेवन भी नहीं करती हैं। जेल अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बताया और कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अपने और बेटे के खिलाफ लगे आरोपों को भी गलत बताया।
परिवार के सदस्य ने की जेल में मुलाकात
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से मिलने उनके बड़े बेटे सिद्धार्थ सिंह जेल पहुंचे। उन्होंने पहले समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात जेल नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुई। इस दौरान परिवार की ओर से मामले को लेकर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया लेकिन दोनों आरोपियों की स्थिति जानने के लिए परिवार लगातार संपर्क में बना हुआ है।
कैदी नंबर से हुई नई पहचान
एक समय ऐसा था जब गिरिबाला सिंह के फैसलों के आधार पर अपराधियों को जेल भेजा जाता था। अब वही पूर्व जज खुद न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। जेल रिकॉर्ड में गिरिबाला सिंह को कैदी नंबर 71 दिया गया है। वहीं समर्थ सिंह को कैदी नंबर 1782 आवंटित किया गया है। जेल प्रशासन के अनुसार दोनों की पहचान अब जेल रिकॉर्ड में इन्हीं नंबरों के आधार पर दर्ज की गई है।
दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर कोर्ट का फैसला
मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। ट्विशा शर्मा के परिवार ने दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की थी। अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। CBI ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने से पहले रिपोर्ट सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। इसके बाद अदालत ने रिपोर्ट की प्रति देने से इनकार कर दिया।
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मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी CBI
12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा का शव भोपाल स्थित उनके ससुराल की छत पर फंदे से लटका मिला था। इस घटना के बाद परिवार ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी गई।











