Twisha Sharma Death Case:डमी टेस्ट, कोर्ट फैसला और गवाह पर हमला… क्या अभी भी केस को मोड़ने की कोशिश की जा रही है?

भोपाल। चर्चित ट्विशा शर्मा मौत केस में बड़ा बदलाव देखने को मिला। CBI की विशेष अदालत ने आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। CBI ने दोनों की रिमांड आगे बढ़ाने की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया। जेल प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि दोनों को अलग अलग बैरक में रखा जाए। जांच एजेंसी मामले से जुड़े हर सबूत और तथ्य की दोबारा जांच कर रही है।
गिरिबाला सिंह ने लगाया आरोप
जब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया तो सुनवाई के दौरान कई बार तीखी बहस देखने को मिली। दोनों पक्षों के वकीलों ने अपने तर्क मजबूती से रखे। इसी दौरान गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ जबलपुर कोर्ट परिसर में मारपीट हुई थी। ट्विशा पक्ष के वकील ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर ऐसी कोई घटना हुई है तो उसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत को केवल ठोस सबूतों के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए।
गवाह पर हमले के आरोप से बढ़ी चिंता
इस पूरे मामले में एक नया विवाद भी सामने आया है। आरोप है कि केस के एक अहम गवाह पर कुछ लोगों ने हमला किया। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से जुड़े हुए हैं। घटना का एक वीडियो सामने आया, जिसके बाद गवाहों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
आरोपों से इनकार, जांच में सहयोग का दावा
CBI पूछताछ के दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह लगातार अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि ट्विशा के साथ उनके रिश्ते सामान्य थे और किसी तरह की हिंसा या प्रताड़ना नहीं की गई। जांच एजेंसी उनके बयानों को पहले से जुटाए गए सबूतों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच से मिलाकर देख रही है। सोमवार को घटनास्थल पर किया गया डमी टेस्ट भी इसी जांच का हिस्सा था ताकि पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझा जा सके।
जांच में सामने आई लापरवाही ने बढ़ाई मुश्किलें
जांच के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे केस की जांच को और जटिल बना दिया है। जिस बेल्ट से ट्विशा का शव मिला था, उसे समय पर सुरक्षित नहीं किया गया। आरोप है कि एक जांच अधिकारी ने उस बेल्ट को करीब दो दिन तक अपने पास रखा और बाद में उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। यह प्रक्रिया नियमों के खिलाफ है। अब CBI इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अधिकारी से पूछताछ की तैयारी भी की जा रही है।
ये भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case: CBI के सामने समर्थ ने खुद लगाई फांसी की गांठ, 3 घंटे चला क्राइम सीन रिक्रिएशन
पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि पोस्टमार्टम के दौरान भी फंदे में इस्तेमाल हुई बेल्ट को सही तरीके से सुरक्षित नहीं रखा गया था। इस कारण अब पूरी मेडिकल प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। CBI इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इस चूक का असर सबूतों पर पड़ा है या नहीं।
ये भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case : पिता बोले- ट्विशा के अकाउंट में मौजूद 20 लाख रु. का लालच भी था विवाद की वजह
आत्महत्या या हत्या, अब भी सवाल?
ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। एक पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है जबकि परिवार इसे हत्या का मामला मान रहा है। फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल और घटनास्थल की जांच अभी भी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। इसी वजह से CBI हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।










