Naresh Bhagoria
7 Feb 2026
Shivani Gupta
7 Feb 2026
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोठी तहसील के नयागांव गांव में एक व्यक्ति के आय प्रमाण पत्र में उसकी वार्षिक आमदनी मात्र 3 रुपए दर्शाई गई। यानी औसतन हर महीने सिर्फ 25 पैसे की कमाई! जैसे ही यह प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इसे देखकर लोग हैरान रह गए। मामला अब प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन गया है।
यह मामला नयागांव निवासी रामस्वरूप पिता श्यामलाल का है, जिनके नाम पर 22 जुलाई 2025 को एक आय प्रमाण पत्र जारी किया गया था। इस प्रमाण पत्र में यह दर्ज किया गया कि रामस्वरूप की सालाना आय केवल 3 रुपए है। यह दस्तावेज कोठी तहसीलदार सौरभ द्विवेदी के हस्ताक्षर सहित विधिवत रूप से जारी किया गया था।
3 रुपए इनकम का सर्टिफिकेट वायरल।जैसे ही यह प्रमाण पत्र सामने आया, इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। कई लोगों ने इसे प्रशासन की बड़ी लापरवाही करार दिया, वहीं कुछ ने इसे विडंबनापूर्ण मजाक बताया। यूजर्स ने कहा कि भला कोई व्यक्ति पूरे साल में केवल 3 रुपए की आय पर कैसे जिंदा रह सकता है? इस मामले ने प्रशासन की गंभीरता और डेटा एंट्री सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुधार के बाद नया सर्टिफिकेट जारी किया।जब यह मामला सामने आया तो मीडिया ने कोठी तहसीलदार सौरभ द्विवेदी से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक लिपिकीय गलती थी। जैसे ही यह गलती उजागर हुई, तत्काल प्रभाव से पुराना प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया और नया प्रमाण पत्र जारी किया गया। नए दस्तावेज में रामस्वरूप की वार्षिक आय 30 हजार रुपए दर्शाई गई है।
सोशल मीडिया पर अब लोग जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी लापरवाही किसी के भविष्य या लाभ से वंचित होने का कारण बन सकती है। अब तक इस चूक के लिए किसी कर्मचारी पर कार्रवाई की सूचना सामने नहीं आई है।