Umaria News : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 11वें हाथी की मौत, इलाज के दौरान 4 माह के बेबी एलिफेंट ने तोड़ा दम,

उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में झुंड से बिछड़े हाथी के एक बच्चे की रविवार सुबह मौत हो गई। इसी के साथ बीटीआर में पिछले महीने से 11 हाथियों की मौत हो गई है। अधिकारी ने बताया कि हाथी का बच्चा शुक्रवार को बीमार मिला था और उसके झुंड ने उसे बीटीआर के बफर जोन में छोड़ दिया था। अक्टूबर के आखिरी तीन दिनों में अभयारण्य में 10 हाथियों की मौत हो गई थी।
अचेत अवस्था में मिला था शावक
डिप्टी डायरेक्टर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पीके वर्मा ने प्रेस रिलीज में बताया कि 8 नवंबर को पनपथा बफर क्षेत्र के खारीबड़ी टोला (कक्ष आरएफ-179) में एक हाथी का शावक झुंड से बिछड़ा हुआ और अस्वस्थ अवस्था में पाया गया। शावक अचेत अवस्था में था। बांधवगढ़ प्रबंधन ने तत्काल चिकित्सकीय टीम को बुलाकर मौके पर ही प्राथमिक उपचार कराया। बेहतर देखभाल और उपचार के लिए शावक को ताला कैंप में लाया गया। देखें वीडियो...बीमारी के चलते झुंड से अलग हुआ था शावक
चिकित्सकीय दल की 24 घंटे निगरानी में शावक का लगातार इलाज किया जा रहा था। स्वास्थ्य में हल्का सुधार दिखा, लेकिन 10 नवंबर को सुबह 6:06 बजे उसने दम तोड़ दिया। यह शावक शायद किसी बीमारी के चलते अपने झुंड से अलग हो गया था। डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शावक का पोस्टमार्टम किया गया, और इसके बाद शव का SOP के अनुसार निपटान किया गया। बता दें कि बीटीआर के खलील रेंज के अंतर्गत सांखनी और बकेली में 29 अक्टूबर को चार जंगली हाथी मृत पाए गए थे, जबकि 30 अक्टूबर को चार और 31 अक्टूबर को दो अन्य की मौत हो गई थी।बांधवगढ़ में हाथियों की मौत पर एक नजर
- 29 अक्टूबर : दोपहर में चार हाथियों की मौत, 4 बीमार मिले।
- 30 अक्टूबर : शाम तक चार हाथियों ने दम तोड़ा, 1 ठीक, 1 बीमार
- 30 अक्टूबर : 4 हाथियों को दफनाया।
- 31 अक्टूबर : दो और हाथियों की मौत।
- 1 नवंबर : पोस्टमार्टम के बाद दफनाया।





















