1600 साल पुरानी सील बंद वाइन बोतल आज भी भरी है, 1867 में रोमन मकबरे से मिली Speyer Bottle

स्पीयर (जर्मनी)। रोमन एम्पायर के टाइम की वाइन की एक बोतल 1,600 से ज्यादा सालों से सील बंद है। 1867 में जर्मनी में एक रोमन टॉम्ब से मिली इस बोतल में आज भी लिक्विड मौजूद है, जो इसे वाइन मेकिंग हिस्ट्री की सबसे यूनिक बची हुई चीजों में से एक बनाता है। इसे अब जर्मनी के स्पीयर (Speyer) में 'हिस्टोरिकल म्यूजियम ऑफ द पैलेटिनेट' में सेफ रखा गया है। 'स्पीयर वाइन बोतल' के नाम से जानी जाने वाली यह बोतल लगभग 325 ईस्वी की है। हालांकि रिसर्चर्स ने इसके अंदर मौजूद कंटेंट का स्टडी किया है, लेकिन इसे कभी ओपन नहीं किया गया है। म्यूजियम के ऑफिशियल्स इसकी सील तोड़ने से कतराते रहे हैं, क्योंकि उन्हें नहीं पता कि हवा के कॉन्टैक्ट में आने पर यह एंशिएंट लिक्विड कैसी रिएक्ट करेगा। साथ ही, बोतल खोलने से सदियों से सेफ बची इस आर्कियोलॉजिकल चीज को नुकसान पहुंच सकता है।
वाइन अपने ओरिजिनल सील बंद कंटेनर में है
स्पीयर बोतल को अक्सर वाइन की सबसे पुरानी बची हुई सील बंद बोतल माना जाता है। हालांकि, यह लिक्विड फॉर्म में मौजूद सबसे पुरानी वाइन नहीं है। 2024 में रिसर्चर्स ने स्पेन के कार्मोना में एक रोमन कलश (funerary urn) के अंदर वाइन का पता लगाया जो पहली सदी ईस्वी की है। स्पीयर बोतल फिर भी खास बनी हुई है, क्योंकि इसमें वाइन अपने ओरिजिनल सील बंद कंटेनर के अंदर ही सेफ है।
प्राचीन वाइन कहां मिली थी
यह बोतल 1867 में साउथ-वेस्ट जर्मनी के शहर स्पीयर में एक रोमन बरीअल साइट की खुदाई के दौरान मिली थी। 'वाइन्स ऑफ जर्मनी' की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार आर्कियोलॉजिस्ट्स को दो कॉफिन मिले जो एक पुरुष और एक महिला के थे। उन्हें चौथी सदी में दफनाया गया था।इन ग्रेव्स में ग्लास के कई वेसल्स (बर्तन) रखे थे। वे शायद मृतकों के लिए आफ्टरलाइफ में काम आने वाली चीजें रखने के उद्देश्य से रखे गए थे। महिला की ग्रेव से ग्लास के छह वेसल्स और पुरुष की ग्रेव से दस वेसल्स मिले। इनमें से सिर्फ एक बोतल में लिक्विड बचा हुआ था। इस वेसल का कलर येलो-ग्रीन है और इसमें डॉल्फिन शेप के दो हैंडल लगे हैं। यह सिलेंड्रिकल है और इसकी बनावट इतनी यूनिक है कि यह आज की कई वाइन बोतलों से बिल्कुल अलग दिखती है। यह बोतल स्पीयर के 'हिस्टोरिकल म्यूजियम ऑफ द पैलेटिनेट' में सेफ रखी गई है। म्यूजियम इसे रोमन वाइन कल्चर के एक अहम और बचे हुए उदहारण के रूप में देखता है।




















