यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव का बड़ा बयान, चंद्रशेखर आजाद से गठबंधन से किया इनकार; ओवैसी पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद के बिना भी उनकी पार्टी चुनाव जीत रही है। वहीं, ओवैसी पर तंज कसते हुए उन्होंने पतंग और उसकी डोर का उदाहरण दिया और कहा कि इस बार 80-20 नहीं, बल्कि 90-10 का खेल है। इससे पहले चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा को हटाने के लिए सभी दलों को साथ लेकर चलने की बात कहते हुए अखिलेश को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था।
चंद्रशेखर आजाद से गठबंधन पर अखिलेश ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा, चंद्रशेखर आजाद से क्यों गठबंधन हो जाएगा? उनके बिना भी हम जीत रहे हैं। अखिलेश के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
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'डोर किसके हाथ में है? पतंग उतनी ही ऊपर जाती है'
अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, डोर किसके हाथ में है? पतंग उतनी ही ऊपर जाती है, जितनी ढील दी जाती है। डोर खत्म तो खेल खत्म। उन्होंने आगे कहा कि पीछे से जितनी ढील दी जाएगी, पतंग उतनी ही ऊपर जाएगी। इस बयान को ओवैसी पर उनके राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।
इस बार 80-20 नहीं, 90-10 का खेल-अखिलेश यादव
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने चुनावी समीकरणों का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार 80-20 का नहीं, बल्कि 90-10 का खेल है। उन्होंने कहा कि जो पीड़ित हैं, वे 90 हैं। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को लेकर उनकी रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार को दिया था गठबंधन का प्रस्ताव
इससे पहले सोमवार को सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था। चंद्रशेखर ने कहा था कि अगर भाजपा को हटाना है, तो अखिलेश यादव को सभी को साथ लेकर चलना होगा और सभी पार्टियों को उनका हक देना पड़ेगा। इसके बाद अखिलेश यादव ने गठबंधन को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी चंद्रशेखर आजाद के बिना भी चुनाव जीत रही है।
ओवैसी पहले भी अखिलेश यादव पर लगा चुके हैं आरोप
इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। ओवैसी ने आरोप लगाया था कि जो भी मुसलमानों के हक की बात करता है, अखिलेश उसे अपना दुश्मन समझते हैं। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा था कि उस समय अखिलेश के पास 47 मुस्लिम विधायक थे, लेकिन मुसलमानों की सुध नहीं ली गई और अखिलेश सैफई में बैठकर डांस देखते रहे। ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया था कि अखिलेश को दाढ़ी-टोपी वाला हर शख्स रावण नजर आता है और जब वह मुसलमानों के हक की बात करते हैं, तो उन्हें भाजपा का एजेंट बताया जाता है।




















