ईरान-इजराइल तनाव के बीच देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर दबाव बना हुआ है। इसी बीच केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्यों को 10% अतिरिक्त LPG कोटा देने का ऑफर दिया है। इसके साथ ही राज्यों को धीरे-धीरे LPG की जगह PNG अपनाने के लिए भी कहा गया है ताकि सप्लाई पर दबाव कम किया जा सके।
पेट्रोलियम मंत्रालय की अधिकारी सुजाता शर्मा के मुताबिक घरेलू LPG उत्पादन में करीब 40% की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम बेहतर हुआ है, लेकिन कई जगह डिस्ट्रीब्यूटर के पास अब भी लंबी लाइनें देखी जा रही हैं जो किल्लत की ओर इशारा करती हैं।
नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद भवन में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ अहम बैठक की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में कच्चे तेल और गैस की उपलब्धता, इम्पोर्ट और संभावित संकट से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई। सरकार ने अपने आपातकालीन तेल भंडार (SPR) की भी समीक्षा की है। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक देश के पास फिलहाल कुछ हफ्तों का तेल स्टॉक मौजूद है।
सरकार के मुताबिक अब करीब 93% LPG बुकिंग ऑनलाइन हो रही है।
लोगों से अपील की गई है कि वे गैस एजेंसियों पर जाने से बचें और केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के जरिए ही बुकिंग करें, ताकि भीड़ और अफवाहों से बचा जा सके।
किल्लत के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसे रोकने के लिए सरकार सख्ती बरत रही है। हाल ही में देशभर में 2300 से ज्यादा LPG दुकानों पर अचानक जांच की गई।
सरकार ने साफ कहा है कि जहां PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां LPG की जगह PNG अपनाई जाए। इससे न सिर्फ सप्लाई पर दबाव कम होगा, बल्कि यह ज्यादा सुरक्षित विकल्प भी माना जाता है।
अधिकारियों के अनुसार 15 राज्यों में कमर्शियल LPG की सप्लाई जारी है। पिछले चार दिनों में करीब 7200 टन गैस वितरित की गई है। साथ ही ATF, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई भी सामान्य बताई गई है और फिलहाल इनके दाम नहीं बढ़ाए गए हैं।
हाल ही में खबरें आई थीं कि e-KYC नहीं कराने पर गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया नियम नहीं है। e-KYC केवल उन्हीं उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है, जिनका वेरिफिकेशन अभी तक नहीं हुआ है। इसका मकसद सिर्फ सिस्टम में पारदर्शिता लाना और फर्जी कनेक्शन रोकना है।
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सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अलग-अलग पोर्ट्स पर फंसे 25 भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया है। कंट्रोल रूम को 125 कॉल और 450 ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिन पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।