'अब दरी नहीं बिछाएंगे', अमेरिका में अब्दुल की जीत पर ओवैसी का यूपी के मुसलमानों को मैसेज

अब्दुल अल-सयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम व्यक्ति बनने का दावा किया है। उनकी जीत पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे उत्तर प्रदेश की सियासत और मुस्लिम राजनीतिक पहचान से जोड़ दिया।
मिशिगन में जीत के बाद ओवैसी ने यूपी का किया जिक्र
अब्दुल अल-सयद की जीत पर हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी। ओवैसी ने इस जीत को राजनीतिक पहचान और सम्मान से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
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अब्दुल शब्द को लेकर ओवैसी ने कही ये बात
ओवैसी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि संघियों ने अब्दुल शब्द को तंज बनाने की बहुत कोशिश की है। अब वक्त आ गया है कि यह दिखाया जाए कि अब्दुल अल्लाह के अलावा किसी की गुलामी नहीं करता। उन्होंने अपने बयान में अब दरी नहीं बिछाएंगे कहकर राजनीतिक स्वाभिमान और पहचान का संदेश देने की कोशिश की।
मिशिगन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
अब्दुल अल-सयद ने मिशिगन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद उन्होंने रोड्स स्कॉलर के रूप में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। उन्होंने सारा जकाकू से शादी की है, जिनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं। अल-सयद खुद को पूंजीवादी बताते हैं।
चुनाव अभियान में स्वास्थ्य और महंगाई रहे प्रमुख मुद्दे
अब्दुल अल-सयद के चुनाव प्रचार में जीवन-यापन की बढ़ती लागत और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर खास जोर रहा। उन्होंने सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए मेडिकेयर फॉर ऑल, इजरायल को दी जाने वाली सैन्य सहायता खत्म करने और चुनावी फंडिंग में सुधार जैसे मुद्दे उठाए। उनके अभियान में पिछले साल न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के चुनाव प्रचार की झलक भी देखने को मिली।
सात साल बाद सक्रिय राजनीति में की वापसी
अब्दुल अल-सयद ने इससे पहले 2018 में मिशिगन के गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव लड़ा था, लेकिन ग्रेचेन व्हिटमर से 20 फीसदी से अधिक मतों के अंतर से हार गए थे। इस हार के बाद वह कुछ समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे। इस दौरान उन्होंने पॉडकास्ट शुरू किया, एक किताब लिखी और यूट्यूब व टेलीविजन के जरिए अपनी मौजूदगी बनाए रखी। अब सीनेट चुनाव में जीत के साथ उन्होंने एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।




















